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बिखोती का मेला मा मची च धूम

पंच प्रयागों में एक कर्णप्रयाग में लगने वाला पांरपरिक बैशाखी मेले में मेलार्थियों का सैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दराज से आए ग्रामीणों ने अलकनंदा व पिंडर के पवित्र संगम पर स्नान कर पुण्य अजिर्त किया। मेले में सदियों से थलीसैण व चमोली के सीमांत महिलाओं ने भागीदारी की। महिलाओं ने प्रयाग स्नान पर परंपरानुसार मां उमा के मंदिर प्रांगण में जागरण किया।

वहीं, दूसरे दिन बुद्धवार को बाजार में चहल पहल दिखी। मेलार्थियों ने जमकर जलेबी व अन्य सामान खरीदने में रुचि दिखायी।दूसरी ओर, सामाजिक संस्था विरासत द्वारा आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव का समापन हो गया। कार्यक्रम के पहले दिन स्कूली बच्चों ने बिजली, पानी, पर्यावरण, सफाई सहित स्वास्थ्य पर रैलियां निकाली। समापन दिन लोक गीतों व देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए गए। महोत्सव में देहरादून की लोक कला मंच के कलाकारों की प्रस्तुति सराहनीय रही।

नगर के दीन दयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित कार्यक्रम में गायत्री परिवार द्वारा महायज्ञ व गंगासेवा समिति द्वारा गंगा आरती के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में देर सायं तक प्रस्तुत रंगारंग कार्यक्रमों पर दर्शक मंत्रमुग्ध रहे। स्कूली कार्यक्रमों में आर्दश विद्या मंदिर व लिटिल फ्लावर ने राज्य की पर्यटन व सुदंरता पर आधारित गीत प्रस्तुत कर गढ़वाल की भव्यता को उजागर किया।

वहीं उमा देवी पब्लिक स्कल के छात्रों ने देश भक्ति गीत प्रस्तुत किए। उमादेवी सरस्वती विद्यामंदिर के छात्रों ने भी स्थानीय लोक संस्कृति के गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को बांधे रखा। देहरादून से आए संस्कृति कला मंच के कलाकारों ने दर्शकों का जमकर मनोरंजन किया।  इससे पूर्व मुख्य अतिथि विकासखंड प्रमुख राजेन्द्र सगोई ने रंगकर्मी स्व. प्रशांत जोशी व दीन दयाल की मूर्ति पर माल्र्यापण कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

इस अवसर पर सड़क सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष सरदार संत सिंह, भाजपा प्रदेश पार्षद समीर मिश्र, धीरेंद्र भंडारी, विरासत संस्था के अध्यक्ष डॉ. मदन नवानी, सचिव सुभाष गैरोला, रहीम सिद्दीकी, असलम अहमद, पंकज डिमरी, हेमंत सेमवाल, नवीन डिमरी, आदि उपस्थित थे। संचालन दिनेश थपलियाल ने किया।

श्रीनगर। बुधवार को बैशाखी का पर्व क्षेत्र में पूरे हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं एवं पुरुषों ने नदी घाटों पर जाकर पवित्र स्नान किया जबकि अनेक लोग हरिद्वार कुम्भ के पवित्र स्नान के भागीदार बनने के लिए हरिद्वार रवाना हुए। इसके अलावा बैशाखी पर्व पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा सप्ताह पाठ, बैशाखी भोज, लंगर एवं सबद कीर्तन सहित अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने शिरकत की। गुरुद्वारा प्रबंधक हरविंदर सिंह लक्की ने बताया कि बैशाखी को लेकर लोगों में उत्साह का माहौल था।

घनसाली। टिहरी जिले के सीमांत गांव गंगी में बैशाखी के अवसर पर समोसा देवता की डोली को मंदिर के बाहर निकाल मूर्ति को गंगा स्नान कराया गया। पूर्जा अर्चना के बाद देवता के पश्वा ने राजमा व चौलाई की बुआई का दिन भी बताया। यह परम्परा गंगी में सदियों से चली आ रही है। गंगी के ग्रामीणों का मुख्य व्यवसाय आलू, राजमा व चौलाई ही है, जिनका वे निर्यात भी करते हैं।

ग्रामीण देवेन्द्र सिंह ने बताया कि समोसा देवता ने इस बार चौलाई व राजमा की बुआई के लिए 11 गते बैशाख का दिन निश्चित किया है। बताया गया कि देवता द्वारा बताई गयी तिथि को बुआई करने पर फसल पर कोई रोग नहीं लगता है तथा फसल की पैदावार भी अधिक होती है। समोसा देवता की पूजा अर्चना करते पश्वा पातेराम, उदय सिंह, कोर सिंह, इन्द्र लाल, कुवार सिंह सहित गंगी सभी ग्रामीण थे।

छाम। मुख्यालय बाजार कंडी के बैशाखी पर्व पर आयोजित मेले में चिन्याली व थौलधार ब्लाक के दजर्नों गांवों के लोग शामिल हुए। स्थानीय लोगों ने यहां स्थित भगवान नागराजा मंदिर में पूजा अर्चना के बाद खरीददारी की। क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर बैशाख मेंआज से मेले का आयोजन होता है।

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