DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कृषि विभाग में कोई नियम कायदे नहीं

जलागम के उप-प्रबंधक रमेश चौहान को जिन आरोपों में बर्खास्त किया गया है, उन्हीं आरोपों में दोषी पाए गए कई अफसरों व कर्मचारियों को छोड़ दिया गया। कृषि विभाग में यह पहली बार नहीं हुआ, बल्कि पहले भी एक ही मामले में दोषी पाए गए एक अफसर को नाप दिया गया, जबकि एक को प्रमोशन दिया गया।

चौहान की बर्खास्तगी जिन आरोपों में की है, उनमें 2004 में भगवानपुर में बिना अनुमति के मजदूरों से पौधरोपण कराना, कम उम्र के पौधे लगाकर विभाग को 1.81 लाख रुपए की क्षति पहुंचना, प्राविधिक एसोसिएशन के अध्यक्ष न होते हुए पद के अनुरूप अवकाश लेना और 25 जून 2006 को पत्नी का कृषि मंत्री को स्थानांतरण के लिए पत्र लिखना आदि शामिल हैं। इनमें से कम उम्र के पौधे लगाने संबंधी आरोप की जांच में चौहान के अधीनस्थ इंद्रपाल सिंह मलिक, छोटे प्रसाद, चतर सिंह, नरेश सिंह के साथ ही जेई आरके बाठला भी दोषी पाए गए, लेकिन इनमें से एक के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं हुई।

बाठला को तो बड़कोट में बीएसए बना दिया। इसी तरह के मामले में बहादराबाद के उप-प्रबंधक बीबी सेमवाल, निरीक्षक ओमकारनाथ तिवारी, नरेश पाल सिंह और ज्योति प्रसाद मिश्र भी दोषी पाए गए थे। इससे पूर्व भी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला उपकरण खरीद में डीडी शर्मा को निलंबित कर दिया गया था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:कृषि विभाग में कोई नियम कायदे नहीं