DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अब सौर ऊर्जा पर टारगेट

बिजली संकट ने केंद्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है। गंगा व अन्य नदियों पर प्रस्तावित जल विद्युत परियोजनाओं के विरोध में साधु-संतों की लामबंदी से आने वाले वर्षो में बिजली के और खराब हालात हो सकते हैं। इससे बचने के लिए केंद्र सरकार ने अन्य विकल्पों पर अभी से काम करना शुरू कर दिया है।

इसी कड़ी में सौर ऊर्जा पर टारगेट सेट किया गया है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण ने बताया है कि केंद्र सरकार अगले दस सालों में सौर ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाओं पर एक लाख करोड़ रुपए खर्च करेगी। इससे प्रथम चरण में बीस हजार मेगावाट उत्पादन का लक्ष्य है।

चह्वाण बुधवार को भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी) देहरादून के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लेने आए थे। ‘हिन्दुस्तान’ से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि आज देश में ऊर्जा, पानी व खाद्य प्रमुख समस्या हैं। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अगले दस सालों में आठ क्षेत्रों में प्रमुखता से कार्य करने का लक्ष्य तय किया है। चह्वाण के अनुसार सौर ऊर्जा की परियोजनाओं के लिए सरकार सब्सिडी देगी। इसके अलावा पानी के शुद्धिकरण और पानी के बेहतर उपयोग पर काम होगा।

देश में अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नई प्रजातियों के विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। केंद्रीय राज्य मंत्री ने इस बात पर खुशी जताई कि हिमालयन क्षेत्र में ग्लेशियर पर देहरादून में वाडिया सहित अन्य संस्थानों में बेहतर शोध कार्य हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस शोध कार्य में धन व संसाधन की कमी नहीं होने दी जाएगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अब सौर ऊर्जा पर टारगेट