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बोर्ड के तेवर तीखे, जाँची कॉपियों की औचक पड़ताल होगी

यूपी बोर्ड ने इस बार तेवर तीखे कर लिए हैं। मूल्यांकन में बड़े पैमाने पर सुधार किया जा रहा है। जो परीक्षक एक दिन में 100-100 कापियाँ जांचकर कमाई के चक्कर में गुणवत्ता से समझौता कर बैठते थे, ऐसे शिक्षकों पर लगाम कसी जाएगी। अब एक परीक्षक एक दिन में 40 कापियों का ही मूल्यांकन करेगा। इससे ज्यादा कापियों का

मूल्यांकन करने वाले शिक्षक को एक-एक कापी का ब्योरा देना होगा और उसकी औचक पड़ताल की जाएगी। गड़बड़ी मिली तो पारिश्रमिक कटेगा और काली सूची में डाल दिया जाएगा। इसके पूर्व यूपी बोर्ड के परीक्षक मनमानी कापियाँ जाँचते थे। वह अधिक से अधिक पैसा कमाने के चक्कर में 40 कापियों के बजाय 60 से 100 कापियों तक का मूल्यांकन करते थे। इससे परीक्षार्थियों का नुकसान होता था। इस आपाधापी में इतने बड़े पैमाने पर गड़बड़ियाँ होती थी कि दूसरे विषय के परीक्षक दूसरे विषय की कापियों का मूल्यांकन कर डालते थे। लेकिन कोई पूछने वाला नहीं रहता था। न ही जँची कापियों का फिर से मूल्यांकन होता था।

यूपी बोर्ड के अधिकारी भी रिजल्ट निकालने की जल्दबाजी में मूल्यांकन की समीक्षा नहीं करते थे। न ही यह कभी देखते थे कि किस सेण्टर के किस परीक्षक ने एक दिन में कितनी कापियों का मूल्यांकन किया। अधिकारी सिर्फ 15 दिन के अन्दर खानापूर्ति करके  रिजल्ट निकालने में लगे रहते थे। इससे परीक्षार्थियों का बहुत नुकसान होता था। इस तरफ बोर्ड ने कभी ध्यान नहीं दिया था।

इस बार शासन ने मूल्यांकन की गड़बड़ियों को दूर करने का निर्णय लिया है जिससे कि परीक्षार्थियों का नुकसान न होने पाए। इसके तहत एक-एक परीक्षक को 40-40 कापियाँ जाँचने को मिलेगी। इन जँची हुई कापियों का उप मूल्यांकन नियंत्रक और डीआईओएस द्वारा गठित टीम रैण्डम चेकिंग करेंगी। अगर किसी जँची कापी में कोई गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित परीक्षक को दण्डित करते हुए उसे ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा।

इस बार के  मूल्यांकन की सबसे बड़ी बात यह होगी कि जिस विषय का परीक्षक होगा उसे उसी विषय की कापियों के जाँचने की जिम्मेदारी सौपी जाएँगी। यह नहीं होगा कि हिन्दी का परीक्षक गणित की कापियाँ जाँचेगा। या गणित का परीक्षक विज्ञान की कापियाँ।

मूल्यांकन के दौरान कापियाँ परीक्षकों को जाँचने के लिए सौपते समय डीएचई की यह जिम्मेदारी होगी कि वह दूसरे विषय के परीक्षकों को दूसरे विषय की कापियाँ जाँचने को नहीं देगा बल्कि जिस विषय का परीक्षक है उसे उसी विषय के कापियों के मूल्यांकन की जिम्मेदारी सौपी जाएँगी।

अगर कोई परीक्षक अपने विषय से इतर कापियों का मूल्यांकन करते हुए पाया गया तो उसके और डीएचई के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उल्लेखनीय है कि यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 अप्रैल से प्रदेश के 222 सेण्टरों पर होने जा रहा है। इसकी पूरी तैयारियाँ हो गई है।

मूल्यांकन की विशेषताएँ-
. मूल्यांकन के दौरान परीक्षार्थियों को मिलेगा पर्याप्त अंक।
. हाईस्कूल में ग्रेडिंग लागू होने से हर स्टेप पर परीक्षार्थियों को मिलेगा अंक।
. परीक्षक प्रश्न का उत्तर गलत होने पर उसे काट नहीं सकता बल्कि सहीं स्टेप तक अंक देना होगा। 
.इस बार परीक्षकों का भुगतान मूल्यांकन सेण्टर पर होगा।
. जँची हुई कापियों का मूल्यांकन फिर से होगा।

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