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बसपा सरकार दलित विरोधी: राहुल

राहुल गांधी ने आखिर बसपा के गढ़ में सेंध लगा दी। आग बरसाती गर्मी और झुलसा देने वाले 44 डिग्री तापमान के बीच राहुल को सुनने के लिए जबरदस्त भीड़ उमड़ी। कांग्रेस का पूरा पंडाल खचाखच भरा था। कुछ उत्साही युवा राहुल को सुनने के लिए पंडाल की बल्लियों पर लटके हुए थे।

राहुल ने अपने 20 मिनट के भाषण में करीब एक दजर्न बार ‘दलित’ शब्द का इस्तेमाल किया। राहुल ने बसपा सरकार को दलित विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि गरीबों और दलितों के लिए केन्द्र सरकार हजारों करोड़ रुपए यूपी भेजती है लेकिन बसपा सरकार यह पैसा उन पर खर्च नहीं करती। राहुल ने कहा ‘धर्म और जाति की राजनीति यूपी में फेल हो गई। यूपी में नए प्रकार की राजनीति करनी है, वह है युवाओं की राजनीति।’

अम्बेडकर नगर में बुधवार को राहुल का शो हिट रहा। इतनी भीड़ 15 साल पहले मायावती की पहली रैली में तब उमड़ी थी जब उन्होंने अम्बेडकर नगर को नया जिला बनाने का एलान किया था। कांग्रेस के इतने झंडे बैनर इससे पहले जिले में कभी नहीं लगे थे। चिलचिलाती धूप में दोपहर करीब एक बजे राहुल का एयरक्राफ्ट जब हवाईपट्टी पर उतरा तो जिन्दाबाद के नारे से पूरा पंडाल और आसपास का इलाका गूँज गया।

राहुल ने मंच से हाथ हिलाकर सबका स्वागत किया। यूपी से ताल्लुक रखने वाले सारे कांग्रेसी मंत्री, सांसद, विधायक व अन्य पदाधिकारी इस रैली में मौजूद थे। कांग्रेस की 125वीं साल गिरह के मौके पर राहुल बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करना चाहते थे। लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली। ऐसे में राहुल ने मंच पर लगी अम्बेडकर और गांधी की बड़ी तस्वीरों पर माला चढ़ाकर कांग्रेस यात्रा-2010 की शुरुआत की। उन्होंने दस रथों का नेतृत्व कर रहे सारथियों को कांग्रेस का तिरंगा झंडा थमाया। ये रथ कई चरणों में 2012 के विधानसभा चुनाव तक घूम-घूम कर कांग्रेस का प्रचार करेंगे।

राहुल ने मायावती के गढ़ में बसपा सरकार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा-‘वे पूछते हैं राहुल गांधी गरीबों के घर में क्यों जाता है? राहुल गांधी गरीबों के घर में इसलिए जाता है, क्योंकि देश का भविष्य इन्हीं गरीबों और दलितों के हाथ में है।’ उन्होंने कहा, ‘केन्द्र ने दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार योजना मनरेगा लागू की।

इस योजना से सबसे ज्यादा फायदा दलितों को पहुँचता है। यूपी में गाँव वालों को इस योजना के बारे में नहीं पता। मैं गाँव में पूछता हूँ कौन रोजगार चाहता है तो सारे हाथ उठ जाते हैं। पूछता हूँ किसके पास जॉब कार्ड है तो किसी का हाथ नहीं उठता। जॉब कार्ड प्रधानों के पास रखे हैं।’

राहुल ने कहा,‘हम बीएसपी सरकार से कहते हैं कि रोजगार योजना से गरीब दलितों का फायदा है। पर सरकार कहती है मनरेगा यहाँ मत चलाइए। इस योजना से किसी का कुछ फायदा नहीं होता। हम गरीबों को शिक्षा दिलाना चाहते हैं। बच्चों को अंग्रेजी सिखानी है। लेकिन बसपा सरकार कहती है शिक्षा की जरूरत नहीं है। स्कूल की जरूरत नहीं है विकास की जरूरत नहीं है।’ 

राहुल को अम्बेडकर नगर के बुनकरों ने हाथ का बना गमछा व लुंगी भेंट की। राहुल ने कहा, ‘बुनकर इतनी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। दिल्ली में हमको दिख रहा है लेकिन यूपी की सरकार को नहीं दिख रहा है।’ राहुल ने कहा, ‘इतना पैसा हम यूपी सरकार को दे रहे हैं किसी को नहीं मालूम कि क्या होता है पैसे के साथ।’ राहुल की बात पर भीड़ से आवाज आई, मालूम है मालूम है-‘माला बनाई जाती है।’

राहुल ने कहा कि यूपी में कांग्रेस का मजाक उड़ाया जाता था। अखबार लिखते थे कि यूपी में कांग्रेस को लोकसभा में सीटें नहीं मिलेंगी। पर नतीजे आए तो सब हैरान रह गए। हम जीते क्योंकि हमने सही सवाल उठाए। गरीबों व पिछड़ों के सवाल उठाए। ये सवाल हम उठाते रहेंगे।

राहुल के भाषण के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें काले झंडे दिखाने की कोशिश की। कांग्रेसियों ने उन्हें धुन दिया। वे किसी तरह जान बचाकर भागे। रैली के बाद राहुल का एयरक्राफ्ट जब आसमान में उड़ा तो हजारों- हजार की भीड़ कांग्रेस के युवराज को हाथ हिलाकर विदा कर रही थी।

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