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छोटी उम्र में पिटाई से बच्चे बनते हैं आक्रामक

छोटी उम्र में पिटाई से बच्चे बनते हैं आक्रामक

हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि पांच वर्ष की उम्र तक बच्चों को प्यार-दुलार दें। उसके बाद उचित शिक्षा देने के लिए दस वर्ष की उम्र तक उसकी पिटाई करें और जब वह सोलह वर्ष का हो जाए उसके साथ दोस्त जैसा व्यवहार करें।

हाल में किया गया अध्ययन काफी हद तक इस बात की पुष्टि करता है, जिसमें कहा गया है कि जिन बच्चों को तीन साल की उम्र में बार-बार पीटा जाता है, पांच वर्ष की उम्र तक पहुंचने पर उनके आक्रामक बनने की अधिक संभावना रहती है।

इस अध्ययन से पहले के उन अध्ययनों से प्राप्त नतीजों को भी बल मिलता है, जिनमें कहा गया था कि पीटे जाने वाले बच्चों का बौद्धिक स्तर (आई क्यू) कम पाया गया। यह भी पता लगा कि बच्चों की बार-बार पिटाई का संबंध उनकी चिंता, व्यवहारगत समस्याओं, आक्रामता का खतरा बढ़ने या आपराधिक आचरण, अवसाद और अधिक शराब पीने से है।

शोधकर्ताओं ने अमेरिका में 2500 मांओं पर सर्वेक्षण किया, जिनमें से लगभग 1250 मांओं ने बताया कि उन्होंने गत माह अपने तीन साल के बच्चों की पिटाई नहीं की, जबकि 27.5 प्रतिशत महिलाओं का कहना था कि उन्होंने एक या दो बार बच्चों की पिटाई की और 26.5 प्रतिशत ने दो बार से अधिक बार पिटाई करने की बात कही।

अपने बच्चों की लगातार अधिक बार पिटाई करने वाली मांओं ने दो साल बाद बताया कि पांच वर्ष की उम्र में उनके बच्चों में बहस करने, चीखने-चिल्लाने, लड़ने-झगड़ने, चीजों को तोड़ने-फोड़ने, क्रूरता या धौंस जमाने जैसी आक्रामकता का अधिक ऊंचा स्तर दिखाई दिया।

शोध के नतीजे उस समय भी सही साबित हुए जब शोधकर्ताओं ने संभावित रूप से गड़बड़ी पैदा करने वाले तथ्यों का आकलन किया। इनमें परिवार में आक्रामकता होने, माता-पिता के दबाव, अवसाद तथा नशीले पदार्थों के इस्तेमाल या शराब पीने जैसी बातें शामिल थीं।

तुलेन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की प्रमुख शोधकर्ता कैथरीन टेलर कहती हैं कि बच्चों को प्रभावी रूप से अनुशासित करने के कई तरीके हैं, लेकिन उनमें बच्चों को मारना-पीटना शामिल नहीं है। इन तरीकों से बच्चों के अधिक आक्रामक होने के खतरे को वास्तव में कम किया जा सकता है। इसलिए अच्छी खबर यह है कि माता-पिता अपेक्षित नतीजे प्राप्त करने के लिए बच्चों को मारने-पीटने पर भरोसा नहीं करना चाहिए। यदि वे बच्चों को पीटने से बचें और इसके बजाय अनुशासन कायम करने के लिए अन्य प्रभावी तरीकों का इस्तेमाल करें तो उनके बच्चों के अधिक स्वस्थ रहने और बाद में बेहतर व्यवहार करने का ज्यादा अच्छा मौका रहेगा।

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  • Web Title:छोटी उम्र में पिटाई से बच्चे बनते हैं आक्रामक