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जीत से ही बनेगी चेन्नई या दिल्ली की बात

जीत से ही बनेगी चेन्नई या दिल्ली की बात

चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली डेयरडेविल्स के बीच गुरुवार को यहां होने वाला मैच किसी रोमांच से कम नहीं होगा। दोनों टीम के बीच यह मुकाबला टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश करने की जंग है। अंकतालिका में दूसरे स्थान पर चल रही चेन्नई और चौथे स्थान पर चल रही दिल्ली की टीम में जो भी यह मैच जीतने में कामयाब रही उसके अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीद जिंदा रहेगी।

दिल्ली और चेन्नई दोनों के 12-12 मैचों से एक समान 12 अंक है। हालांकि बेहतर रन औसत के आधार पर चेन्नई की टीम दूसरे नंबर पर है जबकि दिल्ली चौथे नंबर पर। दिल्ली को अपने पिछले मैच में मुंबई इंडियंस के हाथों करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी जबकि चेन्नई ने अपने पिछले मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स को एकतरफा मैच में नौ विकेट से रौंद दिया था।

दिल्ली का मनोबल मुंबई के हाथों मिली हार से गिरा हुआ है जबकि चेन्नई ऊंचे मनोबल के साथ दिल्ली पर फतह हासिल करने उतरेगा। मुंबई के हाथों मिली हार पर दिल्ली के कप्तान गौतम गंभीर ने निराशा जताते हुए कहा था कि अब टूर्नामेंट में बचे दोनों मैच जीतने के बाद ही दिल्ली सेमीफाइनल का रास्ता तय कर पाएगी।

चेन्नई के फार्म को देखते हुए उसका पलड़ा इस मैच में भारी माना जा सकता है। एक समय चेन्नई सेमीफाइनल की होड़ से बाहर दिखाई दे रही थी लेकिन बाद में उसने अपने खेल के स्तर में सुधार करते हुए विपक्षी टीमों को मात देकर अंतिम चार में पहुंचने का अपना दावा पेश कर दिया।

दूसरी तरफ, दिल्ली शुरू से ही सेमीफाइनल की दावेदार मानी जा रही थी लेकिन अभी उसके लिए मुश्किल स्थिति पैदा हो गई है। टीम के कई दिग्गज खिलाड़ी टूर्नामेंट में लगातार असफल हो रहे हैं। आक्रामक ओपनर वीरेन्द्र सहवाग, कप्तान गंभीर, दिनेश कार्तिक और एबी डीविलियर्स जैसे उसके बल्लेबाज लगातार असफल हो रहे हैं या फिर उनके प्रदर्शन में निरंतरता नहीं है।

दिल्ली की टीम के साथ मुश्किल ये भी है कि वह दो तीन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर ही निर्भर कर रही है। अगर ये खिलाड़ी किसी मैच में एक साथ नहीं चल पाए तो फिर टीम मुश्किल हालात में पहुंच जाती है और उसे मैच गंवाना पड़ता है। सहवाग की असफलता भी टीम पर भारी पड़ रही है।

गंभीर इस मैच में सहवाग के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे होंगे। क्योंकि उन्हें पता है कि अगर सहवाग जैसे दिग्गज बल्लेबाज का बल्ला चल निकला तो टीम की जीत तय है। वहीं वार्नर से भी उनको एक विस्फोटक पारी की उम्मीद होगी।

लेकिन दिल्ली के लिए ये इतना आसान भी नहीं है। चेन्नई की टीम अपने घरेलू मैदान पर एक और जीत दर्ज कर सेमीफाइनल के और नजदीक पहुंचने को आतुर होगी। दिल्ली को इस मैच में खराब फील्डिंग और गेंदबाजी से निश्चित तौर पर उबरना होगा। इस मैच में दिल्ली के पास गलती करने की कोई गुंजाइश नहीं होगी। टीम को इस मैच में न केवल एकजुट होकर खेलना होगा बल्कि मैदान पर चपल फील्डिंग का नमूना भी पेश करना होगा।

मुंबई के खिलाफ मैच में दिल्ली के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा, प्रदीप सांगवान जैसे गेंदबाज थोड़ा प्रभावशाली दिखे थे लेकिन आलराउंडर पाल कोलिंगवुड और अमित मिश्रा असरहीन ही रहे थे। अगर दिल्ली को इस मैच में चेन्नई को पस्त करना है तो इन गेंदबाजों को काफी मेहनत करनी होगी।

चेन्नई के बल्लबाजों ने जिस तरह पिछले मैच में कोलकाता के गेंदबाजों की बखिया उधेड़ी थी उसे देखते हुए दिल्ली के गेंदबाजों को सतर्क रहने की जरूरत होगी। दिल्ली की टीम को चेन्नई के बल्लेबाजों के खिलाफ एक रणनीति के तहत मैदान में उतरना होगा।

सुरेश रैना और मुरली विजय जिस तरह की फार्म में चल रहे हैं उससे दिल्ली को सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं धोनी इन दो बल्लेबाजों के अलावा मैथ्यू हेडन, एल्बी मोर्कल और खुद से भी इस मैच में उम्दा प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे होंगे। धोनी आईपीएल थ्री में अब तक बहुत ज्यादा सफल नहीं रहे हैं और उनका बल्ला रनों के सूखे से गुजर रहा है।

कप्तान धोनी इस मैच में न केवल रनों के सूखे को खत्म करना चाहेंगे बल्कि टीम को एक और जीत दिलाने की पूरी कोशिश करेंगे। हेडन भी एकाध मैच को छोड़कर कोई प्रभाव नहीं दिखा पाए हैं। ऐसे में वह चाहेंगे कि दिल्ली के खिलाफ मैच में उनका बल्ला भी बोले।

रैना और विजय चेन्नई के तुरूप के इक्के होंगे। अगर ये दोनों बल्लेबाज इस मैच में भी चल निकले तो दिल्ली की शामत तय है। वैसे दिल्ली भी इन दोनों बल्लेबाजों के लिए नीति तो बना ही चुकी होगी।

गेंदबाजी में तेज गेंदबाज डग बोलिंजर तो गजब की कंजूसी भरी गेंदबाजी कर रहे हैं। वही मोर्कल, आर अश्विन, शादाब जकाती और मुथैया मुरलीधरन जैसे गेंदबाज दिल्ली की मजबूत बल्लेबाजी क्रम की परीक्षा लेने को तैयार बैठे होंगे। बोलिंजर की गेंदबाजी टीम का अहम पक्ष है। यह आस्ट्रेलियाई गेंदबाज न केवल कंजूसी भरी गेंदबाजी कर रहा है बल्कि जरूरत पड़ने पर टीम को विकेट दिलाने में भी सफल हो रहा है। वहीं, रैना की पार्ट टाइम गेंदबाजी टीम के लिए सफल साबित हो रही है।

कुल मिलाकर दिल्ली और चेन्नई के बीच कल होने वाला मुकाबला अंतिम चार में पहुंचने से पहले एक तरह से नाकआउट जंग होगी। दोनों ही तरफ से पूरा जोर लगाया जाएगा जो भी टीम अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहेगी उसका सेमीफाइनल में प्रवेश का रास्ता खुला रहेगा।

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