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थरूर की दोस्त हूं, प्रॉक्सी नहीं : सुनंदा पुष्कर

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की कोच्चि फ्रेंचाइजी टीम से जुड़े विवाद को लेकर चर्चा में आईं सुनंदा पुष्कर ने साफ कर दिया है कि वह विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर की 'प्रॉक्सी' (प्रतिनिधि) के तौर पर काम नहीं कर रही हैं। सुनंदा ने कहा कि थरूर के साथ उनकी अच्छी दोस्ती है, जिसे दूसरे रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

सुनंदा ने आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान आलोचकों को आडेम् हाथों लेते हुए कहा कि इस मामले में मीडिया उनके प्रति गैरजिम्मेदाराना तौर पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया उनके पेशेवर कद और अंतर्राष्ट्रीय कारोबारी अनुभव को नजरअंदाज कर रहा है।

सुनंदा का आरोप है कि मीडिया मुख्य रूप से उनके व्यक्तिगत संबंधों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इससे साबित है कि मीडिया का मत यह है कि एक महिला पेशेवर और वित्तीय सफलता नहीं हासिल कर सकती। सुनंदा के मुताबिक थरूर के साथ उनके व्यक्तिगत और दोस्ताना संबंधों को कोई और रूप नहीं दिया जाना चाहिए।

सुनंदा ने कहा, ''मेरी व्यक्तिगत परिसंपत्तियां और व्यापारिक हित किसी फ्रेंचाइजी टीम में हिस्सेदारी के लिए काफी हैं। इस लिहाज से हिस्सेदारी के सिलसिले में मेरा नाम थरूर के साथ जोड़ा जाना एक तरह से मेरी तौहीन है। एक दोस्त और महिला के तौर पर मेरा अपमान किया जा रहा है।''

सुनंदा ने कहा कि उनका पेशेवर करियर काफी सफल रहा है और व्यक्तिगत जीवन में वह कई उपलब्धियां हासिल करने में सफल रही हैं।

बकौल सुनंदा, ''मैंने अकेली मां के रूप में एक बच्चों की परवरिश की है। मेरा पेशेवर करियर भी काफी अच्छा रहा है। इसके बावजूद मीडिया मेरा मखौल उड़ा रहा है। मुझे थरूर का प्रतिनिधि बताया जा रहा है, जिसमें कोई सच्चाई नहीं है।''

सुनंदा का नाम उस समय चर्चा में आया जब आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी ने कोच्चि फ्रेंचाइजी टीम के हिस्सेदारों के नामों की घोषणा की। मोदी के मुताबिक थरूर की करीबी मित्र सुनंदा के पास कोच्चि टीम खरीदने वाले रेंदेवू स्पोर्ट्स स्वतंत्र हिस्सेदारी है।

मोदी ने थरूर पर यह भी आरोप लगाया था कि उन्होंने उन पर हिस्सेदारों का नाम सार्वजनिक नहीं करने को लेकर दबाव डाला था। थरूर ने हालांकि इन आरोपों का खंडन किया है।

सुनंदा ने अपनी स्थिति साफ करते हुए कहा कि पिछले वर्ष रेंदेवू स्पोर्ट्स ने उनसे संपर्क किया था। कंपनी चाहती थी कि वह उसके लिए विभिन्न खेल गतिविधियों के लिए सलाहकार के तौर पर काम करें। रेंदेवू ने खास तौर पर उन्हें आईपीएल के लिए दावेदारी पेश करने की दिशा में अपने साथ जोड़ा था।

सुनंदा ने कहा, ''इससे पहले कोलकाता नाइट राइर्डस फ्रेंचाइजी टीम के करीम मोरानी ने भी मुझसे संपर्क किया था। उन्होंने भी मुझे सलाहकार के तौर पर अपने साथ काम करने का प्रस्ताव दिया था लेकिन मैंने उन्हें साफ तौर पर कह दिया था कि मेरे लिए इस काम के लिए यह उपयुक्त समय नहीं है।''

''इसके बाद रेंदेवू स्पोर्ट्स ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मार्केटिंग प्रबंधक और व्यापार कार्यकारी के तौर पर मेरे बृहत पेशेवर अनुभव को ध्यान में रखकर मुझे कोष जुटाने, नेटवर्किंग, इवेंट मैनेजमेंट और ब्रांड के तौर पर कंपनी को स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी।''

सुनंदा बताती हैं कि उनके लिए यह काम नया और चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने कहा, ''मेरे लिए यह नया काम था, लिहाजा रेंदेवू स्पोर्ट्स ने मुझसे कहा कि वह वेतन के बदले मुझे अपनी कंपनी में एक छोटी हिस्सेदारी देगी। दुनिया भर में किसी नए काम को लेकर इसी तरह की प्रक्रिया चलती है। मेरे लिए यह नई बात नहीं थी।''

''मुझे यह स्वीकार करना चाहिए कि मैंने काम के बदले कोई वेतन नहीं लिया। मैं जानती थी कि इक्विटी संबंधी हिस्सेदारी कागज पर हमेशा मेरे लिए मौजूद रहेगी। इसके बाद कंपनी को कोच्चि फ्रेंचाइजी टीम का मालिकाना हक मिला और अपनी इक्विटी के कारण मेरा भी कंपनी में हिस्सा बन गया।''

सुनंदा ने स्वीकार किया कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी से काम किया है और कभी किसी प्रकार के आपराधिक मामले में संलग्न नहीं रही हैं। उन्होंने कहा, ''पूरी जिंदगी ईमानदारी से काम करने के बावजूद आज मेरा अपमान किया जा रहा है। पत्रकार मेरे दोस्तों, परिजनों और माता-पिता को परेशान कर रहे हैं।''

सुनंदा ने कहा कि किसी को भी उनके व्यक्तिगत जीवन में झांकने या उसके बारे में टीका-टिप्पणी करने का हक नहीं है। बकौल सुनंदा, ''मेरा व्यक्तिगत जीवन किसी के अधीन नहीं है। मैं जल्द ही शादी करने वाली हूं। इस संबंध में मैं खुद ही घोषणा करुंगी। इस संबंध में घोषणा का अधिकार अपरिचितों को नहीं है। मैं मीडिया से अनुरोध करती हूं कि वह मेरी निजता का सम्मान करे।''

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