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दिल्ली में पता चला विकिरण के दो नए स्रोत

मायापुरी के कबाड़ बाजार में विकिरण के दो और स्रोतों का पता चला है जहां कोबाल्ट-60 पाया गया था। इस तरह औद्योगिक क्षेत्र में मिलने वाले विकिरण के स्रोतों की कुल संख्या 10 तक पहुंच गई है।

पिछले हफ्ते रेडियोधर्मी पदार्थ कोबाल्ट-60 के आठ स्रोत मिले थे, जबकि विकिरण के दो नए मामले मंगलवार को मिले। रेडियोधर्मी पदार्थ के रिसाव के चलते सात लोग बीमार पड़ गए थे।

परमाणु ऊर्जा विभाग के जन जागरूकता अधिकारी एसके मल्होत्रा ने बताया कि ताजा विकिरण का पता परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के विशेषज्ञों की टीम ने लगाया जो बाजार में निरीक्षण कर रही थी। उन्होंने कहा कि परमाणु खनिज महानिदेशालय की हमारी टीम संभावित विकिरण का पता लगाने के लिए निरीक्षण कर रही थी। जब हमें उस दुकान के 500 मीटर के दायरे में विकिरण मिला, जहां पहले विकिरण हुआ था तो उस समय हम नियमित जांच के लिए गए हुए थे।

मल्होत्रा ने कहा कि हमने मंगलवार रात विकिरण के दो और स्रोतों का पता लगाया। हालांकि यह विकिरण तीव्रता के मामले में पिछले हफ्ते हुए विकिरण की तुलना में काफी कम था। विशेषज्ञ रेडियोधर्मी सामग्री की प्रकृति के बारे में पता लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुकानदार ने कबाड़ से कुछ धातु को हटा दिया था जो ताजा विकिरण का स्रोत है। विकिरण का पता चलने के तुरंत बाद राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल सक्रिय हो गए।

क्षेत्र में पिछले हफ्ते उस समय हड़कंप मच गया था जब कबाड़ की एक दुकान में रहस्यमय चमकीली वस्तु से हो रहे विकिरण की चपेट में आकर छह लोग बीमार पड़ गए। बाद में विकिरण के इस स्रोत की पहचान कोबाल्ट-60 के रूप में हुई थी, जिसकी चपेट में आए दुकान मालिक दीपक जैन की हालत गंभीर है और वह अपोलो अस्पताल में भर्ती है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जैन की दुकान से थोड़ी दूरी पर विकिरण के नए स्रोत का पता चला।

यह पूछे जाने पर कि विकिरण का नया स्रोत मिलने की घटना क्या पिछले हफ्ते विशेषज्ञों द्वारा किए गए निरीक्षण में खामी नहीं दर्शाती। उन्होंने नकारात्मक जवाब दिया और कहा कि रेडियोधर्मिता का नया स्रोत पूर्व के विकिरण स्थल से 500 मीटर की दूरी पर मिला है।

अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में विकिरण की वजह से किसी के अस्पताल में भर्ती होने का कोई नया मामला सामने नहीं आया है और सातवां मरीज रविवार को भर्ती कराया गया था। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य जेके बंसल ने कहा कि प्राधिकरण रेडियो बायोडोसिमट्री के जरिए विकिरण पर निगरानी रखेगा और यह काम इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड लाइफ साइंसेज में किया जाएगा।


बंसल ने कहा कि फिलहाल कोई खतरा नहीं है, लेकिन जो लोग पहले ही संपर्क में आ चुके हैं उन पर इसका असर इतना कम है कि उनमें कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहा। इसलिए उन पर निगरानी रखी जा रही है। इस बीच पुलिस को अब तक इस बारे में कोई सबूत नहीं मिल पाया है कि पिछले हफ्ते कबाड़ की दुकान से बरामद कोबाल्ट-60 कहां से आया था।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) शरद अग्रवाल ने कहा कि उन्हें अभी जांच में आगे बढ़ना है, क्योंकि जांचकर्ता अब तक जैन से बात नहीं कर पाए हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या रेडियोधर्मी सामग्री विदेश से आई थी, उन्होंने कहा कि यह कयासबाजी है। उन्हें विशेषज्ञों से कोई खबर नहीं मिली है।

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