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चेन्नई की जीत में चमके अश्विन और रैना

चेन्नई की जीत में चमके अश्विन और रैना

आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की उंगलियों की जादूगरी के बाद सुरेश रैना के बल्ले की चमक से चेन्नई सुपरकिंग्स ने करो या मरो मुकाबले में मंगलवार को यहां कोलकाता नाइटराइडर्स को 39 गेंद शेष रहते हुए नौ विकेट से बुरी तरह परास्त करके इंडियन प्रीमियर लीग के सेमीफाइनल में पहुंचने का अपना दावा मजबूत कर दिया।

नाइटराइडर्स के लिये लगातार तीसरा साल भी बुरा रहा और इस हार से उसके सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावना लगभग खत्म हो गयी है। उसके 12 मैच में दस अंक हैं जबकि चेन्नई के इतने ही मैच में 12 अंक हो गये हैं और वह बेहतर रनगति के कारण अंकतालिका में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है ।

यदि टास जीतना छोड़ दिया जाए तो केकेआर के लिये पूरे मैच में कुछ भी अच्छा नहीं रहा। पहले अश्विन ने कहर बरपाया और केवल 16 रन देकर तीन विकेट लेकर प्रतिद्वंद्वी टीम का स्कोर चार विकेट पर 19 रन कर दिया। एंजेलो मैथ्यूज (48) ने मनोज तिवारी (27) के साथ पारी संवारने की कोशिश की लेकिन फिर भी टीम आठ विकेट पर 139 रन ही बना पायी।

मैथ्यू हेडन जब पहले ओवर में आउट हो गये तो लगा कि मुकाबला कड़ा हो सकता है लेकिन रैना को तो बस कत्लेआम के मूड में उतरे थे। बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने मैदान में जहां चाहा वहां शाट मारा और केवल 39 गेंद पर 11 चौकों और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 78 रन बनाकर अपनी टीम को 13.3 ओवर में एक विकेट पर 143 रन पर पहुंचा दिया। उन्होंने मुरली विजय (40 गेंद पर 50 रन) के साथ 13 ओवर में 137 रन की अटूट साझेदारी की जो दूसरे विकेट के लिये आईपीएल में सबसे बड़ी भागीदारी भी है।

क्रिस गेल ने पारी की तीसरी गेंद पर हेडन को बोल्ड कर दिया लेकिन उनकी जगह लेने आये बायें हाथ के दूसरे बल्लेबाज रैना तो लग रहा था कि बस जल्द से जल्द होटल पहुंचने के मूड में क्रीज पर उतरे हैं। उन्होंने पहले अशोक डिंडा के दो ओवर में पांच चौके लगाये और फिर गेल पर लगातार तीन चौके जड़े।

रैना ने इकबाल अब्दुल्ला पार पारी का पहला छक्का जमाया और फिर मैथ्यूज का भी यही हाल किया। उन्होंने केवल 23 गेंद पर अर्धशतक पूरा किया जिसके बाद विजय ने डेविड हस्सी पर छक्के के बाद दो चौके तथा लक्ष्मीरतन शुक्ला पर छक्का जड़कर रनों की बौछार वाली पार्टी में खुद को शामिल किया। रैना ने आखिर में अब्दुल्ला की गेंद पर विजयी छक्का लगाया। विजय ने अपनी पारी में चार चौके और दो छक्के लगाये।

इससे पहले अश्विन का जादू चला जिनसे गेंदबाजी का आगाज करवाने का महेंद्र सिंह धोनी का फैसला फिर सही साबित हुआ। अश्विन के दूसरे ओवर की पहली गेंद पर गेल ने छक्का जमाया लेकिन उनकी फ्लाइट लेती अगली गेंद गेल को गच्चा दे गयी और धोनी ने उन्हें स्टंप आउट करने में देर नहीं लगायी। इसी ओवर की अंतिम गेंद पर ब्रैंडन मैकुलम भी डगआउट में पहुंच गये।

अब बोलिंजर कहां पीछे रहने वाले थे और उन्होंने अगले ओवर में गांगुली को पगबाधा कर दिया। अंपायर संजय हजारे के फैसले को रीप्ले गलत बता रहा था क्योंकि गेंद लेग स्टंप से बाहर जा रही थी लेकिन अब कुछ नहीं हो सकता था। बोलिंजर ने भी 15 रन देकर दो विकेट लिये।

अश्विन के अगले ओवर की पहली गेंद वाइड तो चली गयी लेकिन डेविड हस्सी इसे खेलने के लिये भी आगे बढ़ गये और बाकी काम धोनी ने निबटा दिया। अश्विन हैट्रिक पर थे और सामने थे मैथ्यूज। गेंद उनके पैड से लगी जिसके बाद जोरदार अपील हुई लेकिन साइमन टफेल ने उसे ठुकरा दिया। बाद में रीप्ले से पता चला कि गेंद बल्लेबाज के दस्तानों को चूमकर भी गयी थी लेकिन अश्विन तो हैट्रिक से चूक गये थे।

मैथ्यूज ने तिवारी के साथ 64 गेंद पर 73 रन की साझेदारी करके केकेआर की डगमगाती नैया संभालने की कोशिश की। श्रीलंकाई आलराउंडर ने विशेषरूप से अपने हमवतन आफ स्पिनर मुरलीधरन को निशाना बनाया तथा उन पर दो छक्के लगाये। मुरलीधरन चार ओवर में 47 रन देकर काफी महंगे साबित हुए। उन्हें मैथ्यूज के रूप में एकमात्र विकेट मिला जिन्होंने अपनी पारी में 48 गेंद खेली तथा तीन चौके और दो छक्के लगाये।

तिवारी ने भी छक्के जड़ने के प्रयास में सीमा रेखा पर मुरली विजय को कैच दिया जिन्होंने दौड़कर इसे अपने हाथों के अंदर समेटा। उनकी 31 गेंद की पारी में दो चौके शामिल हैं। धोनी ने शादाब जकाती की गेंद पर वद्विमान साहा को भी स्टंप आउट किया। लक्ष्मीरतन शुक्ला (17) ने बोलिंजर का शिकार बनने से पहले रैना के ओवर में दो छक्के जमाये।

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