DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बीपीएल में भी घपले-घोटाले ही

उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र के ग्रामीण अंचल में यह दोहा प्रचलित है- ‘पटवारी और बौहरो, पंच पटेल प्रधान। इन पांचों के प्रपंच से पनप न पायो किसान।’ अब तो गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले लोग भी प्रपंच के शिकार हो रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में चलने वाली विभिन्न केन्द्रीय योजनाएं कटघरे में हैं। बीपीएल कार्ड निर्धनों के बजाय पंचों, सरपंचों और प्रधानों के संबंधियों और संपन्न परिवारों को दिए गए हैं। वित्तीय अनियमितताएं प्रकाश में आ रही हैं। घपने और घोटाले हो रहे हैं। कागजों में सारी योजनाएं चल रही हैं। अधिकारी वर्ग भी बहती गंगा में हाथ धो रहे हैं।
जसवंत सिंह, 58, शांतिकुंज, चर्च रोड, वसंतकुंज, नई दिल्ली

मास्टर प्लान पर फूहड़पन
आज 62 वर्षो बाद भी अरबों रुपए दिल्ली के सीवरों पर खर्च करने पर फिर से सीवर मास्टर प्लान 2031 की तैयारी है। इस देश में आग लगने के बाद ही कुआं खोदा जाता है और बेहद जरूरी और बड़े काम जो अच्छे तरीके से युद्ध स्तर पर होने चाहिएं एकदम चींटी की चाल से ‘सो दिन चले अढ़ाई कोस’ वाली गति से एकदम घटिया और फूहड़ तरीके से किए जाते हैं जिसके पीछे वोट-नोट की घटिया राजनीति और भ्रष्टाचार ही होता है। अभी कैग (सीएजी) के अनुसार हरियाणा ने एसी बस 45 लाख में और दिल्ली ने 60 लाख में खरीदी। यह सब क्या है?
वेद मामूरपुर, नरेला, दिल्ली

नक्सलवाद
वर्तमान समय में सबसे बड़ी समस्या हमारे देश में ‘नक्सलवाद’ है, जो फन उठाकर इस देश को डस रही है और गरीब और भोले लोगों को अपने चंगुल में फांस रही है। ये लोकतंत्र की जड़ें उखाड़कर अपना दमनकारी शासन लाना चाहते हैं। ये एक तरफ स्कूल, अस्पताल और रेल लाइन उड़ाते हैं और दूसरी तरफ बोलते हैं कि सरकार गरीब और आदिवासियों पर ध्यान नहीं दे रही है। सरकार में भ्रष्टाचार है, सरकार गलत है, सब कुछ गलत हो रहा है, तो इसका फैसला जनता करेगी। वो उनको सजा देगी। आपको किसने अधिकार दिया है।
राकेश विश्वकर्मा, डी-441, नेहरू विहार, दिल्ली

दूरदर्शन पर आईपीएल
दिल्ली दूरदर्शन व आकाशवाणी के डायरेक्टर से मेरा निवेदन है कि दूरदर्शन पर भी आईपीएल मैच दिखाए जाने चाहिए क्योंकि अनेक लोग ऐसे भी हैं जो गरीबी के कारण केबल नहीं लगवा सकते। गांव में तो सिर्फ दूरदर्शन या आकाशवाणी के ही प्रोग्राम आते हैं। अगर ऐसा हो जाए तो दूरदर्शन व आकाशवाणी और ज्यादा उन्नतशील बन सकते हैं।
श्याम सुन्दर, 1814, तिमारपुर, दिल्ली

‘संसद में आज’
पिछले कुछ साल से सभी अखबारों से यह कॉलम नदारद है। काफी पहले हर हिन्दी, अंग्रेजी अन्य भाषाओं के अखबारों में यह कालम होता था। पूर्ण प्रश्न काल व महत्वपूर्ण बयान व वक्ताओं के भाषण व अन्य सरकारी सूचना सहित कालम भरा रहता था। पर अब नदारद क्यों है? सन् 1965 के काल में तत्कालीन महंगी मासिक पत्रिका ‘मदर इंडिया’ में इसके लिए अलग से पृष्ठ होता था, साथ में उत्तरों के नीचे सम्पादक अपनी टिप्पणी देते थे। यह सब काफी दिलचस्प होता था, लेकिन अब यह गायब हो चुका है।
हरिओम मित्तल, गुड़गांव

संवेदनहीन है सरकार
उत्तराखंड आंदोलन अगस्त 1994 से शुरू होकर राज्य गठन होने तक बराबर चलता रहा, जिसमें अनेकों संगठन और स्वयंसेवक आए दिन जनसभाओं, जुलूसों, धरनों, प्रदर्शनों, रैलियों, सम्मेलनों व ज्ञापन देने-भेजने से लेकर गिरफ्तार और घायल होने तक के खतरों से रूबरू हुए। जिन आदमियों को आंदोलन या राज्य गठन का अर्थ या मतलब भी मालूम नहीं है और जो आदमी संगठनकारियों तथा स्वयंसेवकों के साथ भीड़ और धक्का मुक्की में अपनी लापरवाही या भूलचूक से घायल हो गए या थानों तथा जेलों में बंद हो गए तो उनको आंदोलनकारी मान लिया गया। जिन संगठनकारियों और स्वयंसेवकों ने राज्य गठन की योजना के तहत आंदोलन को ऊर्जा दी, उनकी कोई गिनती नहीं हुई। इसलिए सरकार को फिर से विचार करना होगा। जो आदमी आंदोलन के माध्यम से नौकरी पर लगे या जिनको पेंशन या और कोई सुविधा मिलने वाली है तो उनका ब्योरा समाज को देना होगा ताकि सही मानकों का पता लग सके। इसलिए सरकार को चाहिए कि एक विशेष जांच कमेटी का गठन करे ताकि सही मानकों का आकलन एवं मूल्यांकन हो सके।
भास्कर जोशी, सैन्धार, जिला-पौड़ी गढ़वाल

रोडरेज को रोको
रोडरेज की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। इनमें दिन-प्रतिदिन इजाफा ही हो रहा है। इस तरह की घटनाओं से कई तरह की दिक्कतें पैदा हो रही हैं। ऐसे कई मामले अब तक प्रकाश में आ चुके हैं कि सड़क पर रोडरेज के चलते मारपीट और घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। पिछले दिनों एक निचली अदालत ने रोडरेज के दोषी व्यक्ति को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। सरकार व प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस तरह के तमाम मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि दूसरे लोग भी इससे सबक ले सकें।
गुरिंदर सिंह, सेक्टर-70 मोहाली

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बीपीएल में भी घपले-घोटाले ही