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मनरेगा में नहीं मिला 100 दिन का काम

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री हरीश ने देहरादून जनपद में संचालित विभिन्न केंद्र वित्त पोषित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने मनरेगा की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए।

मंगलवार को विकास भवन सभागार में हुई बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री हरीश रावत ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में देहरादून में मजदूरों को सिर्फ 37 दिन का ही काम मिल पाया है। जबकि यह एक्ट उन्हें 100 दिन का काम देने की गारंटी देता है। उन्होंने योजना की धीमि प्रगति पर नाराजगी जताई। अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द मनरेगा में सुधार आना चाहिए। साथ ही कहा कि जॉब कार्ड संबंधी सभी प्रपत्र ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध होने चाहिए।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने अधिकारियों से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्धारित 90 किमी सड़कों का लक्ष्य शीघ्र पूरा करने को कहा। सड़कों के किनारे वनीकरण पर भी जोर दिया। राजधानी में बढ़ती पानी समस्या पर चिंता जताते हुए हरीश रावत ने कहा कि पेयजल से जुड़े विभाग एकदूसरे पर जिम्मेदारी न डालें। बैठक में अर्बन व सेमी अर्बन क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया।

निर्णय लिया गया कि जिले के छोटे इलाकों में सीवर लाइन, पेयजल के लिए एडीबी व जूएनएनयूआरएम से मदद ली जाएगी। इसके अलावा वन ग्रामों का चिह्नीकरण व उन्हें राजस्व ग्रामों में सम्मिलत करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, विधायक दिनेश अग्रवाल, कैरन मेयर, प्रीतम सिंह, मुख्य विकास अधिकारी इंदुधर बौड़ाई, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शिवप्रसाद देवली आदि लोग मौजूद थे।

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