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शिक्षकों की छुट्टियों में हो सकती है कटौती

प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को अब अपने रवैये में बदलाव लाना होगा। क्योंकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम में एक से पांच तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए 200 व छह से आठ तक 220 कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं। मतलब यह कि शिक्षकों की छुट्टियों में भी कटौती तय है।


इसके साथ ही शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षक के लिए प्रति सप्ताह 45 घंटे शिक्षण कार्य करने का प्रावधान किया गया है। इससे अब शिक्षक-शिक्षिकाओं को बहाना बनाकर स्कूल से गायब रहना आसान नहीं होगा। वहीं अधिनियम के तहत अब हर स्कूल में एक पुस्तकालय भी होना अनिवार्य होगा। इससे बच्चों को विद्यालय में ही रोचक व ज्ञानवर्धक किताबें पढ़ने को मिल सकेगी।

पुस्तकालय में पाठय़क्रम की पुस्तकों के साथ-साथ समाचार पत्र-पत्रिकाएं भी पढ़ने को उपलब्ध होगी। नियमानुसार लाइब्रेरी में दैनिक समाचार पत्र-पत्रिकाएं उपलब्ध कराना जरूरी किया गया है। इससे बच्चों की समसमायिक मुद्दों को जानकारी होने के साथ ही बच्चों का सामान्य ज्ञान भी मजबूत होगा। उल्लेखनीय है कि परिषदीय स्कूलों अध्यापकों के लिए कार्य दिवस निर्धारित होने के बावजूद उसका पालन नहीं किया जाता है। मगर शिक्षा का अधिकार विधेयक लागू होने के बाद अब शिक्षकों की मनमर्जी नहीं चल सकेगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार 1 से 5 तक के बच्चों की शिक्षा के लिए 200 व छह से आठ तक के बच्चों के लिए 220 कार्य दिवस का निर्धारण किया गया है। वहीं शिक्षकों अब 45 घंटे शिक्षण कार्य करना ही होगा।

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