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आग लगने की घटनाओं में 78 मरे, 16405 घर जले

बाढ़ और सूखे से त्रस्त बिहारवासियों को इन दिनों आग ने परेशान कर रखा है। इस साल मार्च से अब तक राज्य में आग से हजारों घर जल चुके हैं और 24 बच्चों सहित 78 लोगों की जान जा चुकी है।

    पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष मार्च से शुरू हुई प्रचंड गर्मी और इस मौसम में चलने वाली पछिया हवाओं के कारण आये दिन बिहार में अग्निकांड हो रहे हैं। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अग्निकांडों में अब तक 24 बच्चों सहित कुल 78 लोगों की मौत हो चुकी है और 16,405 घर जल गए हैं। बिहार के विभिन्न जिलों से राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग को प्राप्त सूचना के मुताबिक, इस वर्ष घटित अग्निकांडों में 68 मवेशी मारे गए और करोड़ों रूपये की संपत्ति तबाह हो चुकी है।

   
अग्निकांड से पश्चिमी चंपारण जिला सर्वाधिक प्रभावित हुआ जहां करीब 4500 मकान आग की लपटों की भेंट चढ़ गए और नौ बच्चों सहित 18 लोगों की जान चली गई। आग लगने की इन घटनाओं में वैशाली में 1200 मकान, सीवान में एक हजार मकान, पूर्वी चंपारण एवं कटिहार में आठ-आठ सौ मकान, पटना में 773 मकान, सारण में 686 मकान, मधुबनी में 619 मकान, सीतामढ़ी एवं बेगूसराय में साढेम् पांच-पांच सौ मकान, बक्सर एवं औरंगाबाद में पांच-पांच सौ मकान तथा गोपालगंज में 409 मकान जल चुके हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव डॉ सत्येंद्र ने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष अग्निकांड की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए इनसे बचाव और राहत के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि आग लगने की इन घटनाओं के बारे में सतत जानकारी प्राप्त करने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव के नेतृत्व में एक कंट्रोल रूम की स्थापना की गयी जो कि प्रदेश के सभी जिलों से सीधे संपर्क स्थापित कर वहां से नियमित जानकारी प्राप्त कर रहा है।
    डा सत्येंद्र ने बताया कि आग से प्रभावित लोगों को 250 लाख रूपये की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है। क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए 200 लाख रूपये का अनुदान और आग से हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के तौर पर 50 लाख रूपये का अनुदान दिया गया है।
   
उन्होंने बताया कि प्रभावितों की दवाओं तथा इलाज के लिए 8.21 लाख रूपये का अनुदान, खाद्यान्न आपूर्ति के लिए 18.21 लाख रूपये का अनुदान तथा संतप्त परिवारों को 112.20 लाख रूपये का अनुग्रह अनुदान दिया जा चुका है।

    सत्येंद्र ने बताया कि विभिन्न जिलों से प्रभावितों की याचना के आलोक में कुल सात करोड़ 40 लाख 32 हजार रूपये आवंटित किये गये हैं। खाद्यान्न आपूर्ति के लिए प्रति प्रखंड पचास-पचास क्विंटल की दर से 26 हजार सात सौ क्विंटल गेंहू आवंटित किया जा चुका है।
   
उन्होंने बताया कि अग्निकांड में मरने वाले प्रत्येक मतक के परिजनों को मुआवजा के तौर पर आपदा राहत कोष से एक लाख एपये तथा मुख्यमंत्री राहत कोष से 50 हजार एपये की राशि अनुदान के एप में दी जा रही है।

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