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आईआईटी परीक्षा में प्रश्नों की अस्पष्ट भाषा पर उठे सवाल

आईआईटी की रविवार को हुई परीक्षा में प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट में हुई खामियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इसको लेकर जहां छात्रों की बैचेनी बढ़ी है तो आईआईटी के ही एक शिक्षक प्रश्नों की अस्पष्टता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

आईआईटी खड्गपुर के प्रोफेसर राजीव कुमार का कहना है कि प्रश्नों की भाषा इस हद तक अस्पष्ट है कि वह छात्रों की उलझन को बढ़ा देती है। साथ ही इतने प्रतिष्ठित परीक्षा के प्रश्न पत्र पर इस तरह की गलतियां नहीं होनी चाहिए। उनका तर्क हैं कि प्रश्नपत्र में पहले पेपर के सेक्शन-2 में गणित, भौतिक विज्ञान में पांच प्रश्न रखे गए थे।

इन प्रश्नों में निगेटिव मार्किंग का प्रावधान भी नहीं था। ऐसे में यदि कोई छात्र ओएमआर शीट में चारों गोलों को काला कर दें तो उसे एक विषय में पांच प्रश्नों को सही करने पर 5*3= 15 नंबर मिलेंगे। ऐसे में तीनों विषयों को मिलाकर उसके 15*3=45 नंबर हो सकते हैं। वहीं दूसरे पेपर के सेक्शन-4 के दो प्रश्नों में  एक से अधिक मैचिंग हो सकती है।

वहीं आईआईटी के चेयरमैन टीएस नटराजन ने कहा है कि आईआईटीजेईई अथॉरिटी इन आरोपों को नकारती है। अगर कोई छात्र सारे गोलों को काला कर देता है तो उसका उत्तर ही गलत माना जाएगा। कानपुर परिक्षेत्र के पी भट्टाचार्य कहते हैं कि एक हफ्ते के भीतर आईआईटी की साइट पर सभी प्रश्नों के हल होंगे।

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