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आईपीयू : बगैर मान्यता डिग्री बांट दी

गुरुगोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के एक कोर्स को पूरा करने वाले छात्र भटक रहे हैं। इनके पास इस कोर्स की डिग्री है, लेकिन वह किसी काम की नहीं है। क्योंकि यह कोर्स यूजीसी से मान्यता प्राप्त नहीं है।

यहां सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज में चलने वाला एमएमएम यानी मास्टर ऑफ मास मीडिया कोर्स का विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की सूची में जिक्र ही नहीं है। इस कारण कोर्स को पूरा करने वाले छात्र आगे की पढ़ाई करने या नौकरी के लिए भटक ही रहे हैं।

इसके साथ ही वर्तमान सत्र के छात्रों का भविष्य भी अधर में लटकता दिख रहा है। दिलचस्प तो यह है कि इस वर्ष भी इस दो वर्षीय कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं, जिसमें सीटों की संख्या 40 है।

छात्रों ने विवि के सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज के निदेशक को इस बारे में पत्र दिया है, जिसके साथ प्रभावित छात्र-छात्रओं की हस्ताक्षर कॉपी, विवि अनुदान आयोग से प्राप्त की गई आरटीआई की कॉपी और भारत के राजपत्र के वे पृष्ठ भी शामिल किए गए हैं, जिनमें डिग्रियों के नाम दिए गए हैं।

आरटीआई के जवाब में यूजीसी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि मास्टर ऑफ मास मीडिया डिग्री यूजीसी की डिग्रियों की सूची में नहीं है। यह भी कहा गया है कि उनके पास आईपी विवि की ओर से इस संबंध में कोई पत्र नहीं आया है। पत्र में कहा गया है कि एमएमएम की उक्त डिग्री से यूजीसी के नेट/जीआरएफ परीक्षा में भी नहीं बैठा जा सकता है और न ही इस आधार पर पीएचडी/एमफिल आदि प्राप्त की जा सकती है। पत्र में यह भी स्पष्ट कहा गया है कि अगर आईपी विवि इसके लिए प्रस्ताव भेजे तो भी इस पर निर्णय लेने में लगने वाले समय की कोई निश्चित सीमा नहीं है।

आईपीयू के कुलपति डॉ. दिलीप के. बंदोपाध्याय ने बताया कि यह गलती हो गई है लेकिन पुरानी गलती है जिसे हम सुधारने की कोशिश में लगे हैं। अब हम यूजीसी के नामाकरण समिति को लिख रहे हैं कि वे इसके लिए रास्ता निकाले। अगर ऐसा नहीं हो पाया तो हम इस मुद्दे को विवि की एसी (एकेडमिक काउंसिल) में ले जाएंगे और छात्रों के हित में निर्णय लिया जाएगा।

पहले ही खत्म कर देंगे छात्रों की दुविधा
आईपी विश्वविद्यालय पहली बार सीईटी परीक्षा की प्री-काउंसलिंग करेगा। यह काउंसलिंग 15 से 21 अप्रैल तक होगी। इसके पीछे आईपी का मकसद छात्रों को समय से पहले कोर्सो आदि के बारे में जानकरी देना है, जिससे किसी तरह का असमंजस न रहे।

आईपी विश्वविद्यालय के प्रवक्ता नलिनी रंजन सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्री-काउंसलिंग का फैसला किया है। पहले दिन 15 अप्रैल को मास्टर ऑफ मास मीडिया और बैचलर ऑफ जर्नलिज्म की काउंसलिंग की जाएगी।

उसके बाद विभिन्न विषयों और कोर्स की काउंसलिंग की जाएगी। प्री-काउंसलिंग के दौरान प्रत्येक कोर्स के प्रमुख और विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे। इस सूचना को विश्वविद्यालय की साइट पर भी डाल दिया गया है और फॉर्म खरीदने वाले स्थान पर भी नोटिस लगा दिया गया है। इस प्रोग्राम का उद्घाटन 15 तारीख को विश्वविद्यालय के कुलपति डीके बंदोपध्याय करेंगे।

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