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संरक्षित क्षेत्र के पानी का व्यावसायिक उपयोग नहीं: रमेश

सरकार ने मंगलवार को कहा कि संरक्षित क्षेत्र के पानी के व्यावसायिक इस्तेमाल की अनुमति वह हरगिज नहीं देगी और मध्यप्रदेश को पेंच बाघ संरक्षित क्षेत्र के निकट बिजली संयंत्र शुरू करने के लिए पर्यावरण मंजूरी लेनी होगी।

पर्यावरण और वन राज्य मंत्री जयराम रमेश ने यहां संवाददाताओं से कहा कि वन और पर्यावरण मंत्रालय की नीति एकदम स्पष्ट है। हम ऐसी किसी भी परियोजना को पर्यावरण मंजूरी नहीं देंगे जिसमें संरक्षित क्षेत्र के पानी का व्यावसायिक इस्तेमाल होने की संभावना हो।

मध्य प्रदेश स्थित पेंच बाघ संरक्षित क्षेत्र के निकट प्रस्तावित विद्युत परियोजना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुझे खबर मिली है कि पेंच बाघ संरक्षित क्षेत्र के निकट अदाणी समूह की 1,320 मेगावॉट क्षमता का बिजली संयंत्र शुरू करने की योजना है। अगर यह सही है तो फिर समूह को पर्यावरण मंजूरी लेने की जरूरत होगी। फिलहाल हमारे पास समूह की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आया है।

रमेश ने पेंच संरक्षित क्षेत्र के पानी का व्यावसायिक इस्तेमाल हो सकने की संभावना खारिज करते हुए कहा कि कल वन्यजीव पर स्थायी समिति की एक बैठक में भी हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित उस योजना को पर्यावरण मंजूरी देने की अर्जी अस्वीकार कर दी गयी जिसमें संरक्षित क्षेत्र के पानी के इस्तेमाल हो सकता था।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में हमारी नीति एकदम स्पष्ट है और हम किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे।

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