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अंजुमन इसलामिया की कमेटी भंग

झारखंड सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अंजुमन इसलामिया की वर्तमान कमेटी भंग कर दी है। तीन माह के अंदर अंजुमन इसलामिया का चुनाव कराया जायेगा। को-ऑपरटिव के सैयद हफीाुल हसन को अंजुमन का एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया गया है। शीघ्र ही एडमिनिस्ट्रेटर अपना कार्य शुरू करंगे। जब तक चुनाव की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, तब तक एडमिनिस्ट्रेटर ही अंजुमन को संचालित करंगे। चुनाव के लिए वोटरलिस्ट बनाना भी इनके ही जिम्मे रहेगा। साथ ही पिछले दिनों अंजुमन चुनाव को लेकर बिहार सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अंजुमन मैनेजिंग कमेटी का गठन किया था। झारखंड सुन्नी वक्फ बोर्ड ने इस कमेटी को भंग करने का फैसला लिया है। बोर्ड ने यह फैसला वक्फ कानून के तहत लिया।ड्ढr बोर्ड के सीइओ खुर्शीद अनवर ने बताया कि चुनाव में बाधा पहुंचाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। अंजुमन इसलामिया पर हाजी नेसार समेत कई लोग अवैध ढंग से कब्जा किये हैं। उनका कार्यकाल समाप्त हो गया है। इन सब बातों को देखते हुए यह फैसला लिया गया। दूसरी ओर बिहार सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा चुनाव के लिए कारी अलीमुद्दीन कासमी की अध्यक्षता में कमेटी बनायी थी। बोर्ड ने इस कमेटी की मान्यता समाप्त कर दी है। उन्होंने बताया कि वक्फ बोर्ड की 17 फरवरी को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।ड्ढr आठ वर्ष का होगा हिसाबड्ढr वक्फ बोर्ड की मंगलवार को हुई बैठक में अंजुमन इसलामिया के ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। वर्ष 2000 से 2008 तक अंजुमन पदाधिकारियों द्वारा किये गये खर्च का ब्योरा लिया जायेगा। इसके लिए बोर्ड द्वारा ऑडिटर बहाल किया जायेगा। सीइओ खुर्शीद अनवर ने बताया कि अगर हिसाब-किताब में गड़बड़ी निकली, तो क्रिमनल केस दर्ज कराया जायेगा। हिसाब-किताब नहीं देने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की जायेगी। इसके अलावा मौलाना आजाद कॉलेज, अंजुमन प्लाजा कांप्लेक्स, रहमानिया मुसाफिरखाना, मदरसा इसलामिया का भी ऑडिट होगा।

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