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टूटने के कगार पर जेपी दम्पति का सपना

लोकनायक जयप्रकाश नारायण और उनकी पत्नी प्रभावती का सपना टूटने के कगार पर है। बिहार के बच्चों को शिक्षित करने लिए जेपी व उनकी पत्नी ने 1में राजधानी के पाटलिपुत्र में शांति निकेतन की तर्ज पर कमला नेहरू शिशु विहार स्कूल की स्थापना की। इसके लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भी 250 रुपए की सहायता दी थी। 4 एकड़ परिसर में स्थापित यह स्कूल आज अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है। स्कूल की सचिव से लेकर प्राचार्य और बच्चे तक हर दिन किसी दाता का इंतजार करते हैं।ड्ढr ड्ढr यह हाल तब है जब जेपी आंदोलन की उपज लालू प्रसाद 15 वर्षो तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे और नीतीश कुमार अभी मुख्यमंत्री हैं। 1ी बाढ़ ने स्कूल को तबाह कर दिया था। इसके बाद जेपी ने 33 हाार रुपए दिये जिससे दोबारा स्कूल में पढ़ाई शुरू हुई। 42 वर्षो तक जेपी दंपति के सपनों का यह स्कूल बिहार सरकार से मान्यता की बाट जोहता रहा। 2005 तक बच्चे दूसर स्कूलों से बोर्ड की परीक्षा देते थे। 2006 में जाकर बिहार बोर्ड से मान्यता मिली।ड्ढr ड्ढr स्कूल की प्रथम संचालिका शोभा चक्रवर्ती ने सितंबर 2007 में मुख्यमंत्री के जनता दरबार में फरियाद लेकर पहुंचीं लेकिन उन्हें अधिकारियों से मिलने की बात कहकर टाल दिया गया। अभी स्कूल में 350 बच्चे व 15 शिक्षक हैं। इसमें 34 बच्चे छात्रावास में रहते हैं। बच्चों द्वारा दी जाने वाली फीस से ही शिक्षक व कर्मचारियों को वेतन मिलता है। प्राचार्य सुनीता प्रसाद के मुताबिक दाताओं के सहार ही किसी तरह स्कूल चल रहा है। एक-एक रुपए के लिए हाथ फैलाना पड़ता है। भवन नहीं रहने से बच्चे कॉटेा में बैठकर पढ़ते हैं।ं

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