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‘अभिभावक की मजबूरी है बच्चों को शिक्षा जरूरी है’

निजी स्कूलों में फीसवृद्धि के विरोध में रविवार को अभिभावकों और छात्रों ने सिगरा स्टेडियम तक महारैली निकाली। सामाजिक संस्था सुबह-ए-बनारस क्लब के बैनर तले अभिभावक अधिकार मंच, नौजवान सभा जनता जागृति कल्याण ट्रस्ट आदि की ओर से निकाली गई रैली को स्कूली बच्चों शौर्य सोनी, आर्यन गुप्ता हर्षवर्धन, मुस्कान व ऋत्विक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

हाथों में तख्ती और बैनर लिए अभिभावक आदि बैनर व पम्फलेट बाटते चल रहे थे। फीस वृद्धि वापस लो, शिक्षा का व्यापारीकरण बंद करो, अभिभावक की मजबूरी है बच्चों को शिक्षा जरूरी है आदि नारे लगाते चल रहे थे।

रैली लहुराबीर में आकर सभा में परिवर्तित हो गई। वक्ताओं ने कहा कि निजी स्कूलों में हर साल शुल्कवृद्धि करके अभिभावका की कमर तोड़ दी जाती है। कापी, किताब, बैग, स्कूल ड्रेस भी उसी स्कूल से खरीदने को मजबूर किया जाता है।

प्रत्येक वर्ष कमीशन के फेर में कापी, किताब व ड्रेस का बदलना अभिभावकों के परेशानी का सबब बनजा जा रहा है। वक्ताओं ने शासन से लगातार फीसवृद्धि पर मध्यम वर्गीय परिवार के बच्चों के भविष्य को देखते हुए नकेल लगाने के साथ बढ़ी हुई फीस को तत्काल प्रभाव से कम कराने की मांग की।
नगर के लगभग सभी निजी स्कूलों में इस वर्ष कक्षा 1 से लेकर 12 तक औसतन 350 से 500 रुपए तक की फीसवृद्धि की गई है। कक्षा 6 से 8 में एक बच्चे की शिक्षा पर हर महीने लगभग तीन हजार रुपए का खर्चा आ रहा है जो आम आदमी की पहुंच से दूर है।

रैली में मुख्य रूप से मुकेश जायसवाल, राज सोनी, विजय कपूर, कमला प्रसाद सिंह, विश्वनाथ दूबे, चन्द्रशेखर सिंह चौधरी, नन्द कुमार टोपीवाले, राजेश सोनी, मनोज मिश्र, संतोष सेठ, प्रदीप जायसवाल, किशन दीक्षित आदि शामिल थे।

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