अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मंदी निगल गई पांच लाख नौकरियां: आस्कर

आर्थिक मंदी के चलते पिछले वर्ष तीन माह में खनन, वस्त्र, धातु, रत्न और आभूषण, आटोमोबाइल, परिवहन, आईटी और बीपीआे जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में करीब पांच लाख लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। श्रम और रोजगार मंत्री आस्कर फर्नांडीस ने बुधवार को रायसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि अक्तूबर से दिसम्बर 2008 के दौरान उनके मंत्रालय द्वारा कराए गए सर्वेक्षण से यह बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि 2007-08 में इन क्षेत्रों ने सकल घरेलू उत्पाद में 60 प्रतिशत से अधिक का योगदान किया। उन्होंने कहा कि निर्यातोन्मुखी इकाइयों में मंदी का व्यापक असर देखा गया है। वाणिय विभाग द्वारा निर्यात संबद्ध उद्योगों में रोजगार हानि के बारे में अगस्त 2008 से 16 जनवरी 200े दौरान 402 इकाइयों का सर्वेक्षण किया गया। इससे पता चला है कि इस दौरान 6272 करोड़ रुपए के निर्यात आर्डरों का नुकसान हुआ तथा 10नौकरियां गईं। फर्नांडीस ने बताया कि अक्तूबर से दिसम्बर 2008 के दौरान 1168 वस्त्र एवं परिधान यूनिटों का सर्वेक्षण से उनमें 0.प्रतिशत रोजगार का नुकसान होने का पता चला है। उन्होंने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में विभिन्न उद्योगों में हडताल, लाकआउट और छटनी के कारण 2008 में 31.0लाख श्रम दिवसों का नुकसान हुआ।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: मंदी निगल गई पांच लाख नौकरियां: आस्कर