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अरविंद ने आखिर पांचवीं कोशिश में पा ही ली मंजिल

सात साल पहले मैच प्वाइँट पर सर्व करते वक्त अरविंद को ये पता नहीं था कि उन्हें अपना पहला नेशनल बैडमिंटन खिताब जीतने के लिए पांच बार फाइनल खेलना पड़ेगा। लेकिन आखिरकार उन्होंने नेशनल चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर ही लिया। पेट्रोलियम के 2साल मिस्टर कूल अरविंद भट ने जीत के बाद इसका श्रेय अपनी मेहनत के साथ-साथ नई-नवेली पत्नी पल्लवी को दिया। पिछले साल 8 दिसंबर को ही शादी के बंधन में बंधने वाले अरविंद भट ने जीत के बाद कहा, मैं पहले यहां से सीधा जर्मनी जा रहा था, क्लब में खेलने। लेकिन ये खिताब जीतने के बाद अब सीधा बेंगलूरू जा रहा हूं। अपने परिवार के साथ डिनर करके सेलिब्रेट करूंगा, जिसका मेरी इस जीत में बहुत योगदान है। उन्होंने कहा, 2002 में अभिन्न श्याम गुप्ता के खिलाफ मैंने चार मैच प्वाइँट पर सर्व किया था लेकिन बदकिस्मती से हार गया। उसके बाद 2004 में अनूप, 2006 में चेतन आनंद और 2008 में फिर चेतन से फाइनल हारा। इस तरह हर दूसर साल फाइनल में पहुंचा, पर यहां अप्रत्याशित रूप से इस साल भी फाइनल खेला, फिर अभी शादी हुई, तो कई चीजें एक साथ हुईं। कश्यप के साथ फाइनल में टक्कर के बार में उन्होंने कहा, वो बहुत अच्छा खिलाड़ी है। मैं उससे दो साल पहले पीएसपीबी इंटर पेट्रोलियम टूर्नामेंट में हारा था। यहां भी उसने अच्छा खेल दिखाया। इंटरनेशनल रैंकिंग में चेतन आनंद (13) के बाद फिलहाल 28वें नंबर पर मौजूद अरविंद अब जर्मनी के क्लब में खेलेंगे। फिर 24 फरवरी से जर्मन ओपन और उसके बाद 3 मार्च से ऑल इंग्लैंड ओपन में चुनौती पेश करंगे। उन्होंने कहा, अब इन टूर्नामेंटों में अच्छा खेलनी की कोशिश करूंगा। जीते के बाद अरविंद के समर्थकों ने उन्हें कंधे पर उठा लिया। इसके अलावा यहां के दर्शकों के सपोर्ट से बहुत खुश अरविंद ने कोर्ट पर अपनी चहलकदमी के बार में एक सवाल पर कहा, हर खिलाड़ी का कोई तरीका होता है, कोई सिर पोंछता है, कोई पैर पर रैकेट मारता है। मैं अक्सर कोर्ट पर हर प्वाइँट के बाद थोड़ा टहल कर खुद को कूल करने की कोशिश करता हूं। एसा नहीं कि इससे विपक्षी खिलाड़ी का ध्यान हटाने की कोशिश करता हूं।

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