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फसल को रोग से बचाने को रणनीति बनाएं


पंतनगर विवि के कुलपति डॉ़ बीएस बिष्ट ने कहा कि फसलों में लगने वाली विभिन्न बीमारियों से हर साल 60 हजार करोड़ रुपए का खाद्यान्न नष्ट हो रहा है। वह बतौर मुख्य अतिथि विवि के पादप रोग विज्ञान विभाग स्थित उच्च संकाय प्रशिक्षण केंद्र के तत्वावधान में पादप रोग विषय पर आयोजित 21 दिवसीय कार्यशाला के समापन के मौके पर बोल रहे थे।

डॉ.बिष्ट ने पौधों में लगने वाली बीमारियों को वैज्ञानिकों के लिये एक बड़ी चुनौती बताते हुये कहा कि पूरे विश्व में खाद्यान्न एवं अन्य फसलों के उत्पादन में विभिन्न बीमारियों के कारण लगभग 10 प्रतिशत का प्रतिवर्ष नुकसान होता है। केवल भारत में ही बीमारियों के चलते खाद्यान्न फसलों सब्जियों में 30 प्रतिशत नुकसान होता है जिससे लगभग 60 हजार करोड़ रुपए का सालाना नुकसान होता है।

इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने वैज्ञानिकों को छोटे-बड़े सभी खेतों के स्तर पर संयुक्त रणनीति बनाकर रासायनिक दवाओं का प्रयोग कम करने एवं प्रभावी जैविक नियंत्रण को बढ़ाने का सुझाव दिया। ताकि पर्यावरण पर होने वाले दुष्प्रभाव एवं प्रदूषण कम हो। अधिष्ठाता कृषि डॉ.जेपी तिवारी व निदेशक शोध डॉ.एसके सैनी ने रोगों के नियंत्रण के लिये सुरक्षित उपायों को खोजन तथा फसलों के विभिन्न रोगों के प्रभावी ढंग से रोकथाम के लिए बीमारियों की सही पहचान को जरूरी बताया।

पादप रोग विज्ञान विभाग के अध्यक्ष एवं कुलसचिव डॉ.जेके कुमार ने वर्तमान में समेकित नाषीजीव प्रबन्धन एवं समेकित रोग प्रबन्धन तकनीकों को और प्रभावी बनाने का सुझाव दिया। समारोह का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन पादप रोग विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.एचएस त्रिपाठी ने किया।

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