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स्वाधीनता सेनानी प्रभा सिंह नहीं रहे

देश को आजाद कराने में सक्रिय भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर प्रभा सिंह ने शनिवार की शाम अंतिम सांस ली। उनकी उम्र 96 वर्ष थी। रविवार को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

आजादी की लड़ाई में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू एवं सरदार बल्लभ भाई पटेल सरीखे नेताओं के साथ कदम से कदम मिला कर चलने वाले ग्राम जैतपुर घोसी निवासी ठाकुर प्रभा सिंह पुत्र स्व.हीरा सिंह ने अपनी जवानी देश को आजाद कराने में झोंक दी। मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर निवासी ठाकुर प्रभा सिंह को आजादी के बाद सरकार ने जैतपुर में 85 एकड़ जमीन आवंटित की थी। वह परिवार समेत यहां रहने आ गए। वर्ष 1971 में कोसी में आई बाढ़ में उनकी जमीन बह गई। उसके बाद उन्हें करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन का पट्टा दिया गया। तब से उनका परिवार इसी जमीन को जोत रहा है।

उनकी दो पुत्रियां लक्ष्मी व सीमा तथा दो पुत्र शिव सिंह एवं परमात्मा शरण हैं। शनिवार की शाम करीब छह बजे उनका देहांत हो गया। एसडीएम बंशीधर तिवारी ने जैतपुर पहुंच कर ठाकुर प्रभा जोत सिंह के शव पर पुष्प चक्र अर्पित किए। पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। बाद में कोसी घाट के शमशान में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मुखाग्नि उनके बड़े बेटे शिव सिंह ठाकुर ने दी।

स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में आजादी हिंद फौज के सिपाही रहे दयाल सिंह, एसएसआई केआर आर्या, आईजीएल के ललित मोहन भट्ट, महेश अग्रवाल
आदि शामिल रहे।

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