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दंतेवाड़ा हमले की जांच शुरू

दंतेवाड़ा हमले की जांच शुरू

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में हाल के नक्सली हमले की जांच के लिए गठित एक सदस्यीय समिति ने अपनी जांच शुरू कर दी है जबकि दोषी नक्सलियों को पकड़ने के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू हो गया है।

सूत्रों ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल के पूर्व प्रमुख ई एन राममोहन ने अभियान के कमान ढांचे, वरिष्ठता और निर्णय के अलावा नक्सली हमले के शिकार सीआरपीएफ के जवानों के प्रशिक्षण की गुणवत्ता के संबंध में उपयुक्त सूचना एकत्र करना शुरू कर दिया है।

सूत्रों के मुताबिक राममोहन यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या अभियान के दौरान मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन किया गया था। उन्होंने कहा कि जांच समिति के पास बहुत सख्त समय सीमा है। यह समिति 24 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट सौंप देगी।

इससे पहले राममोहन शनिवार को सीआरपीएफ मुख्यालय गए थे और बल के महानिदेशक विक्रम श्रीवास्तव से मुलाकात की। गौरतलब है कि छह अप्रैल को दंतेवाड़ा में नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 75 जवान शहीद हो गए थे।

इस बीच दंतेवाड़ा नरसंहार में शामिल नक्सलियों को पकड़ने के लिए शुरू किए गए व्यापक तलाशी अभियान के बीच जांचकर्ताओं ने पता लगाया है कि माओवादियों ने इस हमले में अत्यंत घातक लाइट मशीन गन (एलएमजी) का इस्तेमाल किया था।

जांच कर रहे दल के सूत्रों ने बताया कि टना स्थल के सर्वे से पता चला है कि नक्सलियों ने कम से कम दो एलएमजी का इस्तेमाल किया था। ये हथियार हिदमा और पापा राव के नेतृत्व वाली माओवादियों की केंद्रीय समिति की कंपनी तीन और कंपनी आठ द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं। सूत्रों ने बताया कि एलएमजी संभवत: आंध्र प्रदेश या उड़ीसा के पुलिस बल से चोरी किया गया है।
      
इस बीच नक्सलियों को पकड़ने के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। पापा राव, रमन्ना और हिदमा इस नरसंहार के प्रमुख अभियुक्त के रूप में उभर रहे हैं। आंध्र प्रदेश के वारंगल जिले में जन्मा राव जगरबंधु इलाके में माओवादियों का महासचिव है तथा दण्डकारण्य क्षेत्र के विशेष महासचिव रमन्ना का दाहिना हाथ माना जाता है।

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