DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बल्ले-बल्ले : नई सोच के साथ जंचेगी कापी

बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए राहत। इस साल कापियों के मूल्यांकन में दकियानूसी नहीं चलेगी। छोटी-छोटी चूकों के लिए नम्बर नहीं काटे जाएंगे। माध्यामिक शिक्षामंत्री रंगनाथ मिश्र ने परीक्षकों से साफ कहा है कि वे कापियों के मूल्यांकन में परपंरागत सोच से उठें। नई सोच के साथ कापी जांचे, ताकि परीक्षार्थियों के साथ अन्याय न हो। जहां तक उन्होंने सही किया, उतना नंबर उन्हें मिलना चाहिये। श्री मिश्र रविवार को बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित मूल्यांकन संगोष्ठी में मुख्य अतिथि थे। इससे पहले उन्होंने स्क्रूटनी भवन का लोकार्पण भी किया।

श्री मिश्र ने कहा कि बोर्ड कापियों का मूल्यांकन जिम्मेदारी का काम है। सही मूल्यांकन न होने से परीक्षार्थी तनावग्रस्त होते हैं। कभी-कभी आत्महत्या के लिए भी मजबूर होते हैं। भले ही कानून की नजर में परीक्षक जिम्मेदार न हो लेकिन कहीं न कहीं से उनकी जिम्मेदारी बनती है।

श्री मिश्र ने कहा कि सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की तुलना में यूपी बोर्ड के छात्रों को नम्बर कम मिल रहे हैं। वे ऐसी प्रतियोगिताओं में पीछे छूट जा रहे हैं, जिसमें चयन का आधार मेरिट होता है। विशिष्ट बीटीसी में यूपी बोर्ड के बच्चों पीछे छूट गये। दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रवेश सूची में यूपी के छात्र स्थान नहीं बना पाये। इसके पीछे बड़ी वजह यह है कि मार्किग प्रणाली में कहीं न कहीं दोष है। इसके पीछे परीक्षकों की पुरानी सोच है, जिसमें वह विद्यार्थी को 10 में 10 अंक देने में हिचकता है। यह सोच बदलनी पड़ेगी। 

परीक्षक आमतौर खराब रायटिंग वाले परीक्षार्थियों के नम्बर काटने में कोताही नहीं बरतते हैं। यह सोच गलत है। रायटिंग एक शारीरिक अभ्यास की चीज है, वह बौद्धिकता का परिचायक नहीं। खराब रायटिंग वाला विद्यार्थी भी प्रतिभावान हो सकता है। इसके कई उदाहरण है। कभी-कभी परीक्षक खराब मूड से कापी जांचता है तो मूल्यांकन प्रभावित होता है। श्री मिश्र ने राजकीय और सहायता प्राप्त कालेजों के उन शिक्षकों को चेताया भी जो कापियां नहीं जांचना चाहते।

उन्होंने कहा कि यह उनकी जिम्मेदारी ही नहीं, उनकी सेवाशर्तो का हिस्सा भी है। अगर कोई शिक्षक कापी नहीं जांचता है, तो वह पारिश्रमिक से वंचित होगा ही उस दिन अनुपस्थित माना जायेगा। उन्होंने शिक्षकों को प्रोत्साहित भी किया। कहा कि अब पारिश्रमिक के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जैसे ही कापी जाचेंगे, तुरंत भुगतान मिल जायेगा। उपनियंत्रकों की पारिश्रमिक भी बढ़ायी जायेगी। इससे पहले शिक्षा निदेशक संजय मोहन और बोर्ड की सचिव प्रभा त्रिपाठी ने भी विचार व्यक्त किये।

स्वागत क्षेत्रीय अपर सचिव दिव्यकांत शुक्ला और धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त शिक्षा निदेशक ओपी द्विवेदी ने किया। संचालन प्रभाकर त्रिपाठी ने किया। मौके पर पर विभिन्न मंडलों के संयुक्त शिक्षा निदेशक, उप निदेशक, जिला विद्यालय निरीक्षक और मूल्यांकन से जुड़े उपनियंत्रक शामिल थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बल्ले-बल्ले : नई सोच के साथ जंचेगी कापी