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कार्ड की देखरेख

प्लास्टिक मनी के क्षेत्र में धोखाधड़ी के मामले तेज हो रहे हैं। हालांकि क्रेडिट कार्डस और उनके दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार और बैंकों द्वारा विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। हाल में आरबीआई द्वारा सभी ऑनलाइन सौदों में अतिरिक्त जांच प्रमाण जरूरी कर दी गई है, जिसके तहत उपयोगकर्ता के लिए वीजा या मास्टरकार्ड सेक्योरकोड द्वारा प्रमाणित डेबिट या क्रेडिट कार्ड को पंजीकृत कराना जरूरी होगा। फिर भी क्रेडिट कार्डधारकों को सावधान रहना बेहद जरूरी है। एक शोध के अनुसार क्रेडिट कार्ड के जरिए मोबाइल फोन पर की गई खरीदारी में धोखे के मामलों की दर इंटरनेट पर होने वाली क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी से कहीं अधिक है। कुछ सावधानियों के बारे में जानें.
- क्रेडिट कार्ड मिलने पर तुरंत उसके सिग्नेचर पैनल पर हस्ताक्षर करें। यह एक महत्वपूर्ण नियम व शर्त भी है, साथ ही यह आपको काफी हद तक किसी दूसरे के हाथ क्रेडिट कार्ड पड़ने पर होने वाले दुरुपयोग की आशंका से भी बचा सकती है। अधिकतर क्रेडिट कार्ड कंपनियों में यह व्यवस्था होती है कि क्रेडिट कार्ड के द्वारा कोई भी भुगतान किए जाने पर कार्ड उपयोगकर्ता द्वारा हस्ताक्षर किए जाएं। कार्ड के पीछे हस्ताक्षर किए जाने पर विक्रेता द्वारा संदेह होने की स्थिति में व्यक्ति की जांच की जा सकती है।
- कार्ड पर अपना पिन नंबर कभी ना लिखें। उसे याद रखें या फिर अपने पास किसी अन्य कार्ड पर उसे लिखकर रखें। जहां तक संभव हो अपना पिन नंबर किसी को न बताएं। अपना पिन नंबर बदलते रहें।
- क्रेडिट कार्ड की दोनों ओर की फोटो कापी किसी को ना सौंपें। ऑनलाइन खरीदारी में क्रेडिट कार्ड के पिछली तरफ लिखी कार्ड वेरिफिकेशन वेल्यू का इस्तेमाल होता है। ऐसे में कोई भी सूचना उपलब्ध होने से ऑनलाइन खरीदारी कर सकता है।   जारी..

 

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