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चलती ट्रेन से तीन को फेंका, एक की मौत

अमृतसर से डिब्रूगढ़ जा रही 5934 डाउन डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन से शनिवार देर रात बांसडीह रोड व सहतवार स्टेशनों के बीच कुसौरा गांव के पास सशस्त्र बदमाशों ने चार पशु व्यापारियों को लूटा और विरोध करने पर तीन को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। इससे एक व्यापारी की मौत हो गयी व दो अन्य व्यापारी घायल हो गये। बिहार के आरा निवासी चारों व्यापारी अंबाला से गाय लेकर गुवाहाटी जा रहे थे।

पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दोनों घायल व्यापारियों का इलाज कराया गया। रविवार को जीआरपी ने घायल व्यापारियों से घटना के बाबत लंबी पूछताछ की। एक व्यापारी को आरपीएफ ने न्यू जलपाईगुड़ी में हिरासत में ले लिया है। पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है। सूचना मिलने पर जीआरपी के एसपी जेपी सिंह मौके के लिए रवाना हो चुके थे।

जानकारी के अनुसार आरा (बिहार) के तीयर थाना क्षेत्र के उतरहां गांव निवासी रामजीत यादव (35), वीरेन्द्र यादव (25), उसका बड़ा भाई सत्येंद्र यादव व आरा के थाना जगदीशपुर क्षेत्र के ग्राम हरिवंश राय के टोला काशीनाथ यादव (36) दिल्ली के पशु व्यवसायी विजय का कामकाज देखते हैं। पीड़ितों के अनुसार वे चारों नौ अप्रैल को डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस की एक अतिरिक्त लगेज बोगी बुक कराकर उसमें करीब दस लाख रुपये मूल्य की बीस गायें व बीस बछड़े लेकर अंबाला कैंट से गुवाहाटी जा रहे थे। सभी मवेशी उनके मालिक विजय के थे।

ट्रेन शाम 6:20 बजे बलिया पहुंचती है। ट्रेन करीब दो घंटे लेट थी। ट्रेन जब बलिया रेलवे स्टेशन से खुली तभी कुछ युवक पशुओं की बोगी में चढ़ गये। ट्रेन के आगे बढ़ते ही युवक व्यापारियों से मवेशियों ले जाने संबंधित कागजात मांगने लगे। कागजात नहीं देने पर युवकों ने असलहे निकाल लिये।

इसके बाद मारपीट करने लगे और लूटपाट की। वीरेंद्र की मानें तो बदमाशों ने उनके बैग, बिल्टी, टिकट व 32-32 सौ रुपये लूट लिये। लूटपाट व मारपीट के बाद युवकों ने एक-एक कर सभी को नीचे फेंक दिया। पीड़ितों के अनुसार बदमाशाों ने सबसे पहले वीरेंद्र, फिर काशीनाथ व अंत में रामजीत को ट्रेन से नीचे फेंका। तीनों को कुछ-कुछ दूरी पर फेंका गया।

घायल वीरेंद्र व काशीनाथ ने बताया कि होश आने पर हम लोग अलग-अलग रेलवे ट्रैक के पास स्थित कुसौरा गांव में पहुंचे और ग्रामीणों को आपबीती बतायी। वीरेंद्र व काशीनाथ को उस समय तक यह नहीं पता था कि बदमाशों ने किस-किस को ट्रेन से फेंका है। सुबह शौच करने गये ग्रामीणों ने रेललाइन के पास एक शव देखा। इसकी सूचना पुलिस को दी गयी। इसी बीच, वीरेंद्र भी मौके पर पहुंच गया, उसने शव की शिनाख्त की। इसी दौरान काशीनाथ भी किसी प्रकार मौके पर पहुंच गया। सूचना मिलने पर सीओ (बांसडीह) एपी सिंह व एसओ बांसडीह रोड शोभनाथ यादव तत्काल मौके पर पहुंचे।

पूछताछ के दौरान वीरेंद्र ने बताया कि ट्रेन में उसका भाई सत्येंद्र भी था। उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। सीओ ने तुरंत रेल अफसरों को सूचना दी। पूर्वांह्न् में जीआरपी की सूचना पर न्यू जलपाईगुड़ी में आरपीएफ ने ट्रेन की तलाशी ली तो सत्येंद्र मवेशियों के साथ बोगी में ही मिला। उसे हिरासत में ले लिया गया है। स्थानीय पुलिस उसे लाने के लिए न्यू जलपाईगुड़ी रवाना हो गयी थी।

अपराह्न् करीब एक बजे तक दोनों घायल जीआरपी थाने पर थे। पुलिस पूछताछ कर रही थी। मृत व्यापारी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। घटना के संबंध में थानाध्यक्ष (जीआरपी) जयशंकर मिश्र ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। प्राथमिकी दर्ज करने कार्रवाई चल रही है।

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