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ट्रांसपोर्टर वैट कानून के दायरे से बाहर होंगे

वैट की कमियों को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने बुधवार को विधानसभा में ‘उ.प्र. मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक 200’ पेश किया। जब राज्य में पहले ‘व्यापार कर’ की व्यवस्था थी, तब उसके कुछ बिंदु नए वैट विधेयक में छूट गए थे। इससे व्यापारियों के सामने कई परेशानियाँ पैदा हो गई थीं। माल ढुलाई में लगे ट्रांसपोर्टरों को अब वैट कानून की परिधि से हटा दिया गया है। ऐसे डीलर जो यहाँ पंजीकृत नहीं हैं और बाहर से माल लाते हैं, चेकपोस्ट पर स्वत: घोषित करते हैं, ऐसे व्यापारियों पर कम्पाउंडिंग का अधिकार कर निर्धारण अधिकारी को दिया जाएगा। राज्य में प्रदर्शनी लगाकर सामान बेचने वाले व्यापारियों को पिछली व्यवस्था की तरह अब सुविधाएँ मिलेंगी। जहाँ बिक्री अन्तरराज्यीय व्यापार या वाणिज्य या राज्य के बाहर के दौरान हो या देश से आयात-निर्यात के दौरान हो वहाँ स्रेत पर कर की कटौती समाप्त की जा रही है। माल के मूल्य से पचास फीसदी सीमा से अधिक माल की कीमत दर्शाने पर माल की जब्ती और पेनाल्टी की व्यवस्था की जा रही है।ड्ढr रिटर्न गड़बड़ी कर निर्धारणड्ढr अधिकारी दूर करगा : पेज 14

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