DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अनाज घोटाले की जाँच टीम हरकत में आई

जनपद में हुए लाखों कुंतल अनाज घोटाले की जाँच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्लू) ने तेज कर दी है। ईओडब्लू के अधिकारी चौधरी रमेश ने आवश्यक वस्तु निगम के जिला प्रबंधक से मुलाकात की। ईओडब्लू ने अब जाँच के अभिलेखों को उपलब्ध कराने के लिए डीएसओ से अपेक्षा की है। वहीं अनाज घोटाले के वर्ष 2004-05 के वक्त जिले में तैनात रहे अनाज वितरण से जुड़े अधिकारियों के नाम माँगे हैं। ईओडब्लू उन अधिकारियों की कहाँ तैनाती है, यह आँकड़ा भी जुटा रही है।

अनाज घोटाले की जाँच पूरा करने के लिए न्यायालय ने तीन माह का वक्त दिया है। ईओडब्लू सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना में काम के बदले अनाज के अनाज वितरण मामले की जाँच कर रही है। ईओडब्लू जिले से 18 रैक अनाज के बांग्लादेश भेजे जाने सम्बन्धी अभिलेखों को पहले ही जुटा रखा है। ईओडब्लू ने व्यापारियों से उन किसानों के नाम माँगे थे जिनसे अनाज खरीदने का दावा व्यापारी कर रहे थे।

ईओडब्लू को व्यापारियों द्वारा ब्योरा नहीं मिल पाने के कारण अब जाँच में बांग्लादेश भेजे गए अनाज के एसजीआरवाई के होने की आशंकाओं को बल मिल चुका है। ईओडब्लू को तहसीलों से अभी योजना में काम करने वाले मजदूरों से सम्बन्धित रिकार्ड नहीं मिल पाए हैं। वहीं गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों की सूची ईओडब्लू ने तहसीलों से माँगा है। वहीं अब ईओडब्लू को जाँच सम्बन्धी अभिलेखों को उपलब्ध कराने का जिम्मा जिलापूर्ति अधिकारी का होगा।

डीएसओ को अभिलेखों के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है। इतना ही नहीं घोटाले के वक्त जिले में तैनात रहे अनाज उठान व वितरण से जुड़े विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम व उनके इस वक्त तैनाती का ब्योरा भी तलब किया गया है। इसी तरह आवश्यक वस्तु निगम के विकासखण्डवार बने गोदामों के गोदाम प्रभारियों के नियुक्ति सम्बन्धी अभिलेखों को ईओडब्लू द्वारा माँगा गया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अनाज घोटाले की जाँच टीम हरकत में आई