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महिला आरक्षण विधेयक पर शरद यादव से मतभेद: नीतीश

महिला आरक्षण विधेयक पर शरद यादव से मतभेद: नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री एंव जनता दल यूनाइटेड के नेता नीतीश कुमार ने शनिवार को महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष शरद यादव के साथ मतभेदों को स्वीकार करते हुए कहा कि इस मामले में सिर्फ एप्रोच का अंतर है। लेकिन साथ ही कहा कि इसके अलावा किसी और मुद्दे पर उनसे कोई मतभेद नहीं है।

नीतीश ने इंडियन वुमेन प्रेस कोर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सिर्फ एप्रोच का मामला है। एक हल्का ईमानदार मतभेद है और लोकतंत्र में ऐसा होता है। हम एक दूसरे की स्थिति को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ एप्रोच का अंतर है। एप्रोच के सिवाए शरद के साथ कोई मतभेद नहीं है। महिला आरक्षण के वह भी पक्षधर हैं हम भी पक्षधर हैं। हम भी कहते हैं कोटा के अंदर कोटा हो वह भी कहते हैं कोटा के अंदर कोटा हो।

उन्होंने कहा शरद कहते हैं कि कोटा के अंदर कोटा की बात को अभी ही विधेयक में शामिल कर लिया जाए। हमारा कहना है कि इस विधेयक को मौजूदा स्वरूप में ही पारित कर दिया जाए । कोटा के अंदर कोटा के लिए हम बाद में बातचीत करेंगे। इसके चलते विधेयक को रोकना उचित नहीं होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए जो आरक्षण का प्रावधान किया गया है, उसके अच्छे नतीजे आए हैं और महिलाओं में जागृति आई है। इसे देखकर लगता है कि महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए और मौजूदा विधेयक को पारित होने देना चाहिए बाकी चीजों को बाद में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा हमने अपनी राय पार्टी के साथियों को बता दी है।


यह पूछे जाने पर कि लोकसभा में यह विधेयक कब आएगा नीतीश ने कहा कि मालूम नहीं यह लोकसभा में कब आएगा। चूंकि राज्य सभा से यह विधेयक पारित हो गया है तो उम्मीद है कि सरकार इसे लोकसभा में लाएगी। हालांकि, अब इस पर आम सहमति की बात की जा रही है, लेकिन लगता नहीं इस पर कोई आम सहमति है।

इस सवाल पर कि जब यह विधेयक लोकसभा में आएगा तो उनकी पार्टी के सांसदों का क्या रुख होगा, क्योंकि राज्यसभा में जद (यू) सदस्यों ने इस विधेयक के समर्थन में मतदान किया था, नीतीश ने कहा पहले यह विधेयक आए तो, जब आएगा तो संसदीय पार्टी इस पर गौर करेगी।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक जब राज्यसभा में आया था तो जद (यू) के पांच सदस्यों ने उसके समर्थन में मतदान किया था। राज्यसभा में पार्टी के कुल सात सदस्य हैं, इनमें से एक जॉर्ज फर्नांडिस बीमार चल रहे हैं जबकि एक अन्य सदस्य पार्टी से निलंबित हैं। लोकसभा में पार्टी के कुल 20 सदस्य हैं।

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