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पुलिस मुक्केबाजी टूर्नामेंट जैसे आयोजन रद्द कर देने चाहिए: विजेंदर

पुलिस मुक्केबाजी टूर्नामेंट जैसे आयोजन रद्द कर देने चाहिए: विजेंदर

अखिल भारतीय पुलिस मुक्केबाजी टूर्नामेंट में नियमों के टूटने और बढ़ते विवादों के मद्देनजर विजेंदर सिंह समेत शीर्ष मुक्केबाजों का मानना है कि ऐसे आयोजन रद्द कर दिए जाने चाहिए।

पुलिस टूर्नामेंट में जजों पर धोखेबाजी के आरोपों के चलते एक मुक्केबाज ने रिंग से बाहर आने से इंकार कर दिया था जबकि मेडिकल और वजन संबंधी नियमों का भी मुकाबलों से पहले पालन नहीं किया गया। ओलंपिक और विश्व चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर का मानना है कि यदि इसी तरह से टूर्नामेंट का आयोजन करना है तो इसे ना ही किया जाना बेहतर है।

मिडिलवेट में दुनिया के नंबर एक मुक्केबाज ने कहा कि इस तरह के टूर्नामेंट रद्द कर देने चाहिए क्योंकि इसमें नियमों को धता बताया जा रहा है। इसमें हारने पर मुक्केबाज की साख को धक्का लगता है जबकि इसमें जज योग्य नहीं होते।

राष्ट्रमंडल चैम्पियन जय भगवान (60 किलो) ने इसमें हारने के बाद जजों पर धोखेबाजी का आरोप लगाया था। वहीं, एक मुक्केबाज ने करीबी मुकाबला हारने के बाद रिंग से बाहर निकलने से इंकार कर दिया। हरियाणा पुलिस में डीएसपी विजेंदर ने नाक में चोट के कारण इस टूर्नामेंट में भाग नहीं लिया।

राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक विजेता और बीजिंग ओलंपिक क्वार्टर फाइनल खेलने वाले अखिल कुमार ने भी विजेंदर से सहमति जताते हुए कहा कि यह पारदर्शी और निष्पक्ष टूर्नामेंट नहीं है। इसमें एशियाई और राष्ट्रमंडल स्तर के पदकधारी भाग ले रहे हैं लिहाजा नियमों का पालन होना चाहिए। यदि नहीं कर सकते हैं तो टूर्नामेंट रद्द कर दें। किसी मुक्केबाज के कैरियर से खेलने का क्या फायदा।

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