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दो टूक (10 अप्रैल, 2010)

कबाड़ में आए कोबाल्ट से निकले रेडिएशन के चलते दिल्ली के पांच लोगों की जान पर बन आई। गनीमत है कि यह संख्या 5 ही रही। वक्त पर विकिरण की सूचना मिल गई और पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए इलाके को खाली करा लिया वरना यह संख्या दहाई-सैकड़े में पहुंच सकती थी।

ऐसा विशेषज्ञ पुख्ता तौर पर कह रहे हैं। एक बड़ी अनहोनी टल गई पर एक बड़ा सवाल छोड़ गई है। आखिर कोबाल्ट-60 जैसा बेहद खतरनाक पदार्थ किस गली कूचे से होकर कबाड़खाने पहुंच गया? ऐसे पदार्थो के साथ जो एहतियात बरती जानी चाहिए जाहिरतौर पर खतरनाक धातु के इस टुकड़े के साथ नहीं बरती गई। पुलिस ने जिस अज्ञात पर मामला दर्ज किया है उसका ज्ञात होना जरूरी है।

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  • Web Title:दो टूक (10 अप्रैल, 2010)