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12 साल का बच्चा मलेरिया के शिकंजे में

जिले में मच्छरों का आतंक बढ़ने के साथ मलेरिया का प्रकोप भी तेज होने लगा है। एक युवक के बाद अब मलेरिया ने 12 साल के एक बच्चों को अपनी गिरफ्त में लिया है।

बच्चा नोएडा का ही रहने वाला है और जिला अस्पताल में बच्चों का इलाज चल रहा है। जनपद में मलेरिया का यह दूसरा मामला है।

सेक्टर-63 निवासी शुभम (12) में मलेरिया की पुष्टि हुई है। शुभम का मार्च के अंतिम सप्ताह में जिला अस्पताल में ब्लड सैंपल लिया गया था।

अस्पताल की पैथोलॉजी से मिली जानकारी के अनुसार बच्चों के ब्लड सैंपल में मलेरिया की पुष्टि हुई है। अस्पताल की सीनियर फिजीशियन डॉ. रेनू अग्रवाल ने बताया कि बच्चों का अस्पताल में ही इलाज किया जा रहा है।

लगातार आ रहे मलेरिया के मामलों व बढ़ रहे मच्छर अथॉरिटी के जन स्वास्थ्य विभाग के फॉगिंग के अभियान की पोल खोल रहे हैं। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक से 31 मार्च तक शहर व गांवों में फॉगिंग करवाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार फॉगिंग नही की गई है।

सर्फाबाद निवासी धर्मेद्र यादव ने कहा कि मच्छरों का आतंक मचा हुआ है और संबंधित विभाग की ओर से गांव में फॉगिंग तक नहीं करवाई जा रही है। ऐसे में मच्छरों से होने वाली बीमारियों का प्रकोप बढ़ना लाजमी है।


लक्षण:
ठंड लगने के साथ तेज बुखार (कोई भी बुखार मलेरिया का हो सकता है)। बुखार पसीने के साथ उतरा जाता है और फिर चढ़ जाता है। बुखार रूक-रूक कर चढ़ता है।
कभी-कभार उल्टी-दस्त हो सकते हैं।
पेट में दर्द हो सकता है।
दिमाग में चढ़ जाए तो मेननजाइटिस हो सकता है।

बचाव:
मलेरिया का सीजन शुरू हो चुका है, इसलिए जरूरी है कि मच्छरों को पनपने से रोके
घर के आसपास पानी एकत्रित न होने दें।
सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
मलेरिया के लक्षण होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।

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