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दंतेवाड़ा नरसंहार के पीछे पापा राव का दिमाग

दंतेवाड़ा नरसंहार के पीछे पापा राव का दिमाग

दंतेवाड़ा नरसंहार कथित तौर पर आंध्र प्रदेश के नक्सली नेता पापा राव के दिमाग की उपज है जिसे पकड़ने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक अभियान शुरू कर दिया है।

आंध्र प्रदेश के वारंगल जिले में जन्मा 50 वर्षीय राव मओवादियों की जगरबंधु क्षेत्र समिति का महासचिव है। माना जाता है कि वह दंडकारण्य क्षेत्र के विशेष महासचिव रामन्ना का दायां हाथ है। छत्तीसगढ़ में पिछले दिनों हुए देश के सबसे भीषण माओवादी हमलों में सीआरपीएफ के 75 जवान शहीद हो गए।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राव क्षेत्र में सशस्त्र गतिविधियों में संलग्न रहा है और उसे पकड़ने के लिए व्यापक अभियान छेड़ दिया गया है। दंडकारण्य देश का मध्य दक्षिणी हिस्सा है जिसमें आंध्र प्रदेश, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र एवं महाराष्ट्र के कुछ हिस्से आते हैं। इन क्षेत्रों में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) एक तरह से समानांतर सरकार चलाती है और उसने इसे मुक्त क्षेत्र घोषित कर रखा है।

केन्द्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियों के जांचकर्ताओं का दावा है कि इस भीषण हमले से जो संकेत मिले हैं वे पापा राव की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं। माना जाता है कि राव को इस इलाके के चप्पे-चप्पे की जानकारी है। छह अप्रैल की सुबह एक अभियान पर गए सीआरपीएफ कर्मियों पर नक्सलियों ने घने जंगलों में भीषण हमला किया।

इससे पूर्व हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के रूप में रामन्ना और हिदमा का नाम लिया जा रहा था। हिदमा जगरबंधु क्षेत्र समिति का सैन्य सलाहकार है। रामन्ना भी वारंगल क्षेत्र से है जो एक समय नक्सलियों का गतिविधियों का केन्द्र रहा था वह पिछले काफी समय से दंतेवाड़ा में सक्रिय है। वह सुरक्षा बलों पर हुए कई हमलों में शामिल था।

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