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गलती शिक्षकों की, भुगत रहे हैं छात्र

शिक्षक की गलती की वजह से छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ी है। पहले सेमेसटर की परीक्षा में ही हिन्दी एमए के छात्रों ने अपने ही विभाग के एक शिक्षक के पास शिकायत दर्ज कराई कि पेपर में 38 नंबर को प्रश्न ऑउट ऑफ सिलेबस है। इस बात का राज तब खुला, जब छात्रों के रिजल्ट घोषित हुए और उन्हें अपेक्षा से बहुत कम अंक मिले।

गुस्से में लाल-पीले छात्र वीरवार को कुलपति कार्यालय शिकायत लेकर पहुंचे। मामले की छानबीन शुरू हुई तो पता चला कि विभाग ने इस केस को कोर्स केस सिक्रेसी विभाग को भेजा ही नहीं। तह और उकेरी गई तो भेद खुला कि जिस शिक्षक से छात्रों ने शिकायत की थी, वे चेयरपर्सन को इस बारे में जानकारी देना ही भूल गए। ऐसे में मामला जहां का था, वहीं रह गया।

सबसे अहम बात है कि छात्रों ने जो शिकायत शिक्षक को बताई थी, उसकी जानकारी तो संबंधित शिक्षक को भी होनी चाहिए थी जो कि बच्चों को वह पेपर पढ़ाते हैं। ऐसे में उनकी ओर से भी अनदेखी लापरवाही की हद पार करती है।

कुलपति कार्यालय के समक्ष शिकायत लेकर पहुंचने से छात्रों को यह लाभ मिला कि कुलपति ने पूरे मामले को गंभीरता से लेने को कहा है कि और उम्मीद जताई जा रही है कि छात्रों को लाभ मिलेगा।

हाथ से लिखा बांटा गया था पेपर
छात्रों का यह भी आरोप है कि इस बार सेमेस्टर परीक्षा में उन्हें हाथ से लिखा पेपर ही बांटा गया। वह न तो कहीं छपा, बस हाथ से लिखे पेपर का जेरॉक्स कराकर बच्चों में बांट गया। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि पहली बार सेमेस्टर सिस्टम लागू करने और अंतिम समय तक पेपर छपकर नहीं आने की वजह से ही यह हुआ है। छात्रों का आरोप है कि इस तरह की घटनाएं पंजाब यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान के लिए शर्मनाक हैं।

री-अपियर की परीक्षाएं टालीं
पंजाब यूनिवर्सिटी में बीए-एलएलबी की 9 से 15 अप्रैल तक होने वाली री-अपियर की परीक्षाएं अनिश्चित काल के लिए टाल दी गई है। पीयू परीक्षा के अगले तारीखों की घोषणा बाद में करेगी। 14 अप्रैल से होने वाली रेगुलर परीक्षाएं अपने तय समय पर ही होंगी। बता दें कि छात्रों के अनुरोध पर लॉ विभाग ने भी री-अपियर की परीक्षा की तारीख बदलकर मई में किया था।

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