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अगला दौर 3डी फिल्मों का

अगला दौर 3डी फिल्मों का

इस साल ऑस्कर में जेम्स कैमरून की फिल्म ‘अवतार’ को पुरस्कार तो मिले, लेकिन विश्व की सबसे महंगी इस फिल्म को आशा के विपरीत रिस्पॉन्स मिला था। ऑस्कर के बाद जेम्स ने कहा कि ‘अवतार’ में अमेरिकी विरोधी गतिविधियों को दर्शाने की वजह से ऑस्कर में इसे वो स्थान नहीं मिला, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। बेशक पूरी दुनिया में ‘अवतार’ को पसंद तो काफी किया गया, लेकिन दबी जबान में उसके लिए कड़वाहट भी उगली गयी। लोगों ने ‘अवतार’ को महज स्पेशल इफेक्ट्स और तकनीक का ताना-बाना बताया, जिसमें आत्मा नाम की चीज नहीं थी।

खैर, यहां बॉलीवुड को ‘अवतार’ से काफी फायदा होने जा रहा है। ‘अवतार’ की वजह से स्पेशल इफेक्ट्स और उसमें इस्तेमाल की गयी तकनीक बॉलीवुड के निर्माता-निर्देशकों को इतनी भायी कि एक के बाद एक कई निर्देशक इस दिशा में काम करते दिखने लगे। इसमें 3डी और 2डी इफेक्ट का जिक्र करना जरूरी है, जिसे लेकर अब्बास मस्तान से लेकर राम गोपाल वर्मा और शेखर कपूर से लेकर विक्रम भट्ट तक काफी उत्साहित दिख रहे हैं यानी बॉलीवुड में अगला ट्रैंड 3डी और 2डी फिल्मों का देखा जा रहा है।

फिल्म निर्माण में उतरे बड़े कारपोरेट हाउस भी इस क्षेत्र में बड़े पैमाने का निवेश कर रहे हैं। इस दिशा में रिलायंस मीडिया वर्क्स लि. का कदम उल्लेखनीय है। जानकारी के अनुसार अनिल अंबानी की कंपनी लास एंजेलिस बेस्ड एक कंपनी के साथ विश्व की सबसे बड़ी 3डी और 2डी फिल्म लैब बनाने की योजना पर काम कर रही है। इस लैब में 2डी फिल्मों को 3डी में कन्वर्ट किया जाएगा। इसके अलावा 3डी और 2डी फिल्मों के फॉरमेट तथा अन्य स्पेशल इफेक्ट्स पर भी काम किया जाएगा।

इस बड़े गठजोड़ के पीछे विश्व सिनेमा में पुरानी और हिट फिल्मों के रूटीन फॉरमेट को 3डी और 2डी में बदलने की वो बढ़ती मांग है, जिसे लेकर हॉलीवुड के प्रोडक्शन हाउस अब अन्य देशों की तरफ भी रुख करने लगे हैं। इस प्रोजेक्ट के बाद से हर साल करीब 15 से 20 फिल्मों को 3डी और 2डी में तब्दील किया जाएगा। माना ये भी जा रहा है कि 3डी का ट्रैंड इस कदर जोर पकड़ेगा कि इस साल के अंत तक भारत में 3डी थियेटरों की संख्या 2,500 से बढ़कर 7,000 हजार हो सकती है। अनुमान ये भी है कि 2013 तक 3डी थियेटर 15 हजार तक पहुंच जाएंगे, लेकिन इन सबके साथ कुछ तरह की दिक्कतें भी हैं। जैसे 3डी फिल्मों को देखने के लिए दिये जाने वाले चश्मे और विभिन्न थियेटरों में अपनाई जाने वाली तकनीक।

गौरतलब है कि ‘अवतार’ की रिलीज के साथ यह जरूरत महसूस हुई कि लोगों को 3डी चश्मे सहज नहीं लगते। हालांकि दर्शकों ने ‘अवतार’ के 3डी और 2डी वजर्न के प्रति शुरुआत में खासी उत्सुकता दिखाई थी, लेकिन रूटीन वजर्न लोगों को ज्यादा रास आया। इसकी एक वजह ये भी सामने आयी कि भारतीय दर्शक अभी भी 3डी फॉरमेट के आदि नहीं हैं। यहां मुश्किल से साल में कोई एक या दो फिल्में ही 3 या 2डी फॉरमेट में रिलीज होती हैं। वो भी हॉलीवुड की। इसके अलावा चश्मों का शीशा निकल आना, दर्शकों द्वारा चश्मे साथ ले जाना आदि, ये कुछ ऐसी बातें हैं, जो इस ट्रैंड को स्थापित करने के साथ शोध मांगती हैं।

चश्मों की फिनिशिंग के अलावा उनका वजन, आकार और स्टाइल पूरी दुनिया में आये दिन बदलता रहता है। इस बारे में सिनेमैक्स के देवांग संपत कहते हैं, ‘लोगों में 3डी चश्मे को लेकर अभी कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतें देखी जा रही हैं, लेकिन इन्हें जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। अगर लोगों को सिनेमा हॉल द्वारा दिये जा रहे चश्मे से दिक्कत है तो वह बेहद कम कीमत में अपना खुद का 3डी चश्मा भी खरीद सकते हैं।’

एंटरटेनमेंट का अगला नाम 3डी

‘अवतार’ के बाद जेम्स कैमरून ने कहा कि आने वाला समय 3डी फिल्मों का होगा। दरअसल जेम्स ने 10 सालों में ‘अवतार’ के लिए जो तकनीक विकसित की थी, वह उसका पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाये। उनका मानना है कि एक फिल्म में उस तकनीक के सभी पहलुओं को समेटना नामुमकिन है। अब दुनिया के बाकी लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि वह दर्शकों को सपनों की दुनिया के उस पार ले जाएं, जहां वे पंडोरा जैसे ग्रह की कल्पना से भी परे कुछ और देख सकें। निर्माता-निर्देशक राकेश रौशन ने अपनी फिल्म ‘कृष2’ को कुछ समय के लिए रोक दिया है। उनका मानना है कि ‘अवतार’ में इस्तेमाल की गयी तकनीक बेमिसाल है। उसे कृष के सीक्वल में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन उसके लिए काफी समय चाहिये। 3डी का सही इस्तेमाल किसी साधना से कम नहीं है। वह कृष के सीक्वल के रूप में बॉलीवुड को अब तक की सबसे बड़ी 3डी मूवी देने के बारे में विचार कर रहे हैं।

मैदान में उतरे दिग्गज

खबर है कि ऑनलाइन पाइरेसी से निबटने के लिए निर्देशक शंकर अपने 125 करोड़ के ‘एंधिरन’ फिल्म प्रोजेक्ट को 3डी में कन्वर्ट करने की योजना पर विचार कर रहे हैं। फिल्म में रजनीकांत और ऐश्वर्या राय हैं। लंबे समय से बन रही शेखर कपूर की फिल्म ‘पानी’ का काफी बड़ा भाग स्पेन में 3डी फॉरमेट में शूट किया जा रहा है। खबर है कि इस फिल्म के लिए रितिक रौशन से संपर्क किया गया है। फिल्म में भविष्य में मुंबई कैसी होगी और यहां पानी को लेकर कैसा हड़कंप मचेगा आदि चीजों को दिखाया गया है। शेखर ने इस फिल्म में 3डी इफेक्ट्स के इस्तेमाल का निर्णय हाल फिलहाल में लिया है। अब्बास मस्तान 3डी फॉरमेट में एक एक्शन थ्रिलर बना रहे हैं, जिसे वुडपैकर एंटरटेनमेंट प्रोडय़ूस कर रहा है। रामगोपाल वर्मा जिस 3डी फिल्म को लेकर काम कर रहे हैं, उसमें जॉन अब्राहम हैं। इसके अलावा रामू रितेश को लेकर एक हॉरर फिल्म भी बना रहे हैं, जो 3 और 2डी फॉरमेट में होगी। विक्रम भट्ट भी सुष्मिता सेन को लेकर एक 3डी फिल्म की घोषणा कर चुके हैं। फिल्म का नाम है ‘यमद्वार’।

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