DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बॉलीवुड के लिए खलनायक बना आईपीएल

बॉलीवुड के लिए खलनायक बना आईपीएल

इंडियन प्रीमियर लीग का ग्लैमर भले ही फिल्मी सितारों को लुभाता रहा हो लेकिन तमाशाई क्रिकेट की यह सुपरहिट लीग असल में बॉलीवुड के लिए खलनायक बनती जा रही है।
   
शाहरूख ख़ान, प्रीति ज़िंटा, शिल्पा शेट्टी और कैटरीना कैफ जैसे सितारों का जमघट स्टेडियम में देखने को मिलता है लेकिन सिनेमाघर दर्शकों के लिए तरसते रह जाते हैं। इस सालाना टूर्नामेंट के दौरान प्रदर्शित फिल्मों का हश्र देखते हुए जहां बड़े सितारों की फिल्मों की रिलीज़ टालनी पड़ रही है, वहीं बॉलीवुड के व्यवसाय पर भी इसका बुरा असर पड़ा है।
   
जाने माने फिल्म समीक्षक तरन आदर्श भी इस बात से पूरा इत्तेफाक रखते हैं कि आईपीएल बॉलीवुड फिल्मों के लिए खलनायक की भूमिका निभा रहा है। यही कारण है कि निर्माता और निर्देशक अपनी फिल्म को आईपीएल के दौरान पर्दे पर उतारने से पहले दस बार सोचते हैं।
    
फिल्म समीक्षक तरन आदर्श ने कहा, "आईपीएल बॉलीवुड फिल्मों के लिए विलेन साबित हो रहा है। आईपीएल के दौरान फिल्म रिलीज़ करना मुश्किल होता है और ख़ास बात यह है कि इस साल तो फिल्मों के शो भी नहीं हो रहे हैं।
    
इस साल जब से आईपीएल शुरू हुआ है तब से कोई बड़े बजट की फिल्म सिनेमा घरों में नहीं उतरी है। आलम ये है कि साजिद ख़ान की 'हाउसफुल' और रितिक रोशन की 'काइट्स' भी आईपीएल के बाद ही रिलीज़ होंगी। विक्रम भटट की 'शापित', दिबाकर बनर्जी की 'लव, सेक्स और धोखा', राजकंवर की 'सदियां' जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी हैं।   

पिछले साल मल्टीप्लेक्स मालिकों की हड़ताल के कारण वैसे भी आईपीएल के दौरान अधिक फिल्में रिलीज़ नहीं हुई थी। वहीं 2008 में आईपीएल के पहले सत्र में प्रदर्शित फिल्मों में सिर्फ 'जन्नत' सफल रही जिसकी पष्ठभूमि क्रिकेट और मैच फिक्सिंग ही थी। वहीं करीना कपूर, अक्षय कुमार और सैफ अली ख़ान जैसे सितारों से भरी 'टशन' फ्लॉप रही।
    
इस साल भी आईपीएल का रोमांच उफान पर है लेकिन विवेक ओबेरॉय की महत्वाकांक्षी फिल्म 'प्रिंस' इसी दौरान प्रदर्शन के लिए तैयार है। रामगोपाल वर्मा की कंपनी से अपना फिल्मी सफर शुरू करने वाले विवेक ओबेरॉय ने बॉलीवुड की 'युवा', 'मस्ती', 'ओमकारा' और 'कुर्बान' जैसी कई हिट फिल्मों में अच्छा अभिनय किया लेकिन 'साथिया' के अलावा किसी अन्य फिल्म में वह अपने को मुख्य भूमिका में स्थापित नहीं कर पाए हैं।
    
साल 2008 की सुपरहिट फिल्म 'रेस' के बाद कुमार तौरानी इस बार 'प्रिंस' में विवेक को लेकर आए हैं। इस फिल्म के बारे में तरन आदर्श ने कहा कि इसकी सफलता का दारोमदार पूरी तरह से विवेक के ऊपर है।
     
उन्होंने कहा, "ये दौर मल्टीस्टारर फिल्मों का है। क्योंकि फिल्म फ्लॉप होने पर किसी एक पर दोष नहीं मढा जाता। निर्माता केवल आमिर, सलमान, शाहरूख़ ख़ान के साथ ही रिस्क लेते हैं। इस मायने में देखते हैं कि यह फिल्म क्या करती है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बॉलीवुड के लिए खलनायक बना आईपीएल