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इस अन्याय को रोकना होगा

मनोज-बबली प्रकरण में हाईकोर्ट ने जिस प्रकार से हत्यारों को सजा सुनाई है इससे खाप पंचायतों की मनमानी पर रोक अवश्य लग जाएगी। हिन्दुओं में वैसे तो एक ही गोत्र में विवाह करना सही नहीं माना जाता लेकिन इसके लिए कोई रोक भी नहीं है। प्रेम गोत्र नहीं देखा करता अत: यह तो स्वयं प्रेमी जोड़ों को देखना है कि उनकी परम्परा, उनके परिवार के लोग क्या चाहते हैं। यदि वे अपनी परम्परा व परिवार वालों की मर्जी के बिना भी शादी करना चाहते हैं तो करने दी जानी चाहिए इसमें पंचायतों को दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। पंचायतों को बुला कर प्रेमी जोड़ों को मौत की सजा सुनाना तो सरासर अन्याय व कानून के खिलाफ है। ऐसी पुनरावृत्ति न हो इसके लिए पंचायतों से ऐसे अधिकार ही छीन लेने चाहिए। वैसे हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद ऐसी घटनाओं पर संभवत: रोक लग ही जाए।
वीरेन्द्र सिंह जरयाल, 28-ए, शिवपुरी विस्तार, कृष्ण नगर, दिल्ली

स्वागत योग्य
एक दीक्षांत समारोह में केन्द्रीय मंत्री श्री जयराम रमेश ने गाउन उतारकर उसे गुलामी का प्रतीक बताया। यह एक अच्छी शुरुआत है। शिक्षा का संबंध ज्ञान से है न कि बाह्य आडंबरों से। उनका यह कदम स्वागत योग्य है। आशा की जानी चाहिए कि न्यायालयों आदि में भी ऐसी पोशाकों से निजात मिलेगी। भारत में अंग्रेजी शासनकाल के कानूनों को भी भारतीय परिप्रेक्ष्य में यदि संवेदनशील व व्यावहारिक बना दिया जाए तो यह नौकरशाही के तौर तरीकों में बदलाव लाएगा। भ्रष्टाचार की जड़ें कानून में खोजी जानी चाहिए। गरीब, अशिक्षित, अविकसित माहौल का व्यक्ति यदि कोई अपराध करता है तो उसे जो सजा का प्रावधान है वह एक शिक्षित, संभ्रांत, धनाढय़, सुविधासंपन्न, शक्तिशाली व पदासीन के लिए दस गुना या अधिक तीव्र हो तो आपराधिक प्रवृत्ति के प्रोत्साहन पर अंकुश लगेगा व समरथ को नहिं दोष गुसाईं, इस सोच में बदलाव आएगा। प्रक्रिया के बोझिलपन के बजाए सीधे सपाट मामलों में त्वरित कार्यवाही, आज समय की जरूरत है।
ओंकार नाथ, केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, नई दिल्ली

देश को बचाएं
आजादी के 62 वर्ष बाद देश की जो दुर्दशा है तथा इससे पूर्व जो दशा थी, उन दोनों में बहुत भारी बदलाव आ चुका है। देश की संस्कृति, सभ्यता, शिक्षा, कला के अलावा सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक दशा को गंभीर चुनौती दी जा रही है। देश की एकता, अखंडता, प्रभुसत्ता को गंभीर खतरा पैदा हो चुका है। राजनीति में अपराधीकरण, भ्रष्टाचार, नैतिक पतन, अनुशासनहीनता, राष्ट्रीय चरित्र के अभाव ने आजाद भारत देश में उथल पुथल मचा दी है। लोग स्वदेशी भाषा, संस्कृति, सभ्यता, शिक्षा, रहन-सहन, खान-पान इत्यादि सब कुछ खोकर विदेशी मानसिकता का शिकार हो रहे हैं। विदेशी फिल्मों, साहित्य, विज्ञापनों, प्रचार ने हमारे देश के लोगों पर बहुत बुरा प्रभाव डाल दिया है। आइए हम सब वैचारिक क्रांति लाएं देश को पुन: गुलामी से बचाएं।
देशबन्धु, राजापुरी, उत्तमनगर, नई दिल्ली

हाय महंगाई
आज आम आदमी की मुश्किलें समझने वाला कोई नहीं है। कॉमनवेल्थ खेलों के नाम पर दिल्ली सरकार ने जनता पर मनमाने कर थोप दिये हैं। शीला दीक्षित कहती हैं की दिल्ली के विकास की कीमत तो जनता को चुकानी ही पड़ेगी। मैं पूछता हूँ की अगर कोई ये कीमत चुका पाने की स्थिति में नहीं हो,तो क्या किया जाए? महंगाई दिनों दिन सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती जा रही है। पहले लोग आलू में पानी डालते थे, अब पानी में आलू डालने लगे हैं। दालों की कीमतें आसमान छू रही हैं। आम आदमी 8.5 की विकास दर देखे या रोटी-सब्जी, जो उसकी थाली से दूर होते जा रहे हैं। कहने को भारत एक उभरती हुई महाशक्ति है पर प्रति व्यक्ति आय 20 रुपए से भी कम है, क्या महाशक्तियों का एक लक्षण यह भी है?
अरुण सरोहा, मालवीय नगर, नई दिल्ली-110017

रब ने बना दी जोड़ी
बस कुछ ही दिनों में सानिया अपने मियां की होने वाली है। ये न सिर्फ हैदराबाद की बेटी के लिए, बल्कि दो मुल्कों के लिए बेहद खुशी की बात है। दोनो की शादी को लेकर मीडिया में उठे बवाल से हटकर अगर इसे दो दिलों के मेल के नजर से देखा जाए तो ये दोनो मुल्कों में एक नए मिठास की शुरुआत है। काश ये रिश्ता दोनो मुल्कों के बीच पनप रही नफरत में कहीं न कहीं प्यार की डोर साबित हो। बरसों से चली आ रही दुश्मनी और एक-दूसरे के लिए नफरत को कोई नया रास्ता मिल जाए। जोड़ियां भगवान के घर से बनके आती है। और हजारों रोड़ों के बावजूद दुनिया में एक होकर रहती है।
रेखा सोनी, दिल्ली

अब्दुल्ला दीवाने
सानिया मिर्जा किससे शादी करेगी। किससे नहीं करेगी। यह सानिया की मर्जी पर निर्भर है। वह बालिग है। अपना बुरा भला सोच सकती है। देश का कानून भी साफ कहता है कि एक बालिग युवक या युवती अपनी मर्जी से किसी से भी शादी कर सकता है। लेकिन यह भारत है। यहां बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना भी हो सकता है और परेशान भी। आजकल भारत में ऐसे बहुत सारे अब्दुल्ला हैं, जो सानिया की शादी से परेशान हो गए हैं।
सलीम सिद्दीकी, 170, मलियाना, मेरठ

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