DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ऐसे बनाएं अपनी वेबसाइट

अगर बाहरी तौर पर देखें तो वेबसाइट की दुनिया अथाह लगती है, फिर भी हर किसी के पास रहता है कुछ अलग आइडिया और इसी वजह से जब आप एक नई वेबसाइट सृजित करते हैं तो कुछ नया ही काम करते हैं।

कैसे करें इसकी शुरुआत
सबसे पहले तो आपको यह तय करना होता है कि आप अपनी अलग वेबसाइट बनाना क्यों चाहते हैं। अपने जिस तय उद्देश्य के लिए आपको साइट बनानी है सबसे पहले तो उसके अनुरूप एक डोमिन नेम आप सोचें। मान लीजिए अपने व्यक्तिगत परिचय और प्रचार के लिए आप वेबसाइट बनवाना चाहते हैं तो अपने नाम के हिसाब से ही साइट का नाम रहेगा।

इसके अलावा आप जिस प्रोफेशन से जुड़े हैं और उसी क्षेत्र में रिस्पांस चाहते हैं तो उसके अनुरूप ही नाम रखना चाहेंगे। यहां आपको कई विकल्पों पर विचार करना होगा। कारण यह है कि मिलते-जुलते नाम पहले से ही एंगेज हो सकते हैं। इसके अलावा यदि अपने व्यवसाय से जुड़ी वेबसाइट बनवानी है तो उसके हिसाब से ही नाम पर फैसला लेना होगा। सबसे अहम यह है कि आपकी  जरूरत के मुताबिक डोमिन नेम मिल जाए। इसके बाद बात आती है कि अपनी वेबसाइट में कौन-कौन सी खूबियां आप जोड़ना चाहेंगे। यानी उसकी रूपरेखा क्या होगी।

वेब साइट सेटअप करना
अपने लिए अनुकूल साइट डेवलपर की पहचान कर लेने के बाद, एक लिखित अनुबंध करें जो उस डेवलपर की जिम्मेदारी, परियोजना पूर्णता की समय रेखा और संपूर्ण परियोजना के लिए संपूर्ण बजट स्पष्ट करता हो। इसमें साइट के जारी रख-रखाव की व्यवस्था शामिल होनी चाहिए। आपसे वह पूछ सकता है कि स्टेटिक साइट बनानी है या डॉयनामिक। इनमें अंतर यह है कि सीमित कार्य के लिए या व्यक्तिगत साइट में कुछ परिचयात्मक पेज होते हैं, जबकि डॉयनमिक साइट की श्रेणी वह है जिनमें साइट लगातार अपडेट होती है। यानी प्रोग्रामिंग लेंगुएज में बनती है।

इनमें एएसपी यानी एक्टिव सर्वर पेज होता है। इसके अलावा पीएचपी पर भी साइट काम करती हैं। साधारण साइट को डिजाइन करने के लिए दक्ष डेवलेपर 15 से 20 हजार रुपए लेते हैं। इसके अलावा ज्यादा फीचर्स वाली डॉयनमिक साइट के लिए खर्च 1से 2 लाख तक भी हो सकता है। इसमें टैक्स्ट डिजाइन ऑडियो, संगीत या ब्लॉग जैसे विकल्पों से सर्फिग करने वाला ज्यादा आकर्षित होता है। ऐसे में यह सारा खेल जितना गुड़ डालो उतना मीठा वाला होता जाता है।

होस्टिंग की भूमिका
इसके बाद अहम भूमिका होस्टिंग की भी रहती है। वह होस्टिंग सर्वर ही होता है जहां आपकी वेबसाइट पब्लिश होती है। इन सर्वर पर उपलब्धता 200 रुपए मासिक से लेकर 8000 रुपए साल तक में मिल जाती है। जो व्यापारी अपनी स्वयं की साइट की होस्टिंग के तकनीकी भार में शामिल नहीं होना चाहता है, उसके लिए सरल उपाय है कि वह एक वेब होस्टिंग सेवा द्वारा एक वेबसाइट रखे।

एक वेब होस्टिंग सेवा का प्रयोग आपके स्टोर के लिए अचल संपत्ति को लीज पर देने के समान हे। छोटे से मध्यम आकार के व्यवसाय के लिए वेब होस्ट करने वाली कंपनी सर्वर के रख-रखाव के तकनीकी विवरण की देखभाल करता है और आप अपने वेबसाइट के लिए विषय-वस्तु के विकास में अपना समय लगाने के लिए स्वतंत्र हैं।

होस्टिंग सेवाएं आपकी साइट को विजिट करने वाले लोगों की संख्या को ट्रेक करने वाले उपयोक्ताओं के आंकड़े भी उपलब्ध करा सकते है। होस्टिंग सेवा का प्रयोग करना अधिकांश छोटे व्यवसायों के लिए अक्सर अधिक मूल्य प्रभावी उपाय होता है। होस्टिंग सेवाओं की एक सूची भी उपलब्ध कराते हैं जिसकी आप तुलना अपनी उपलबिधयों से कर सकते हैं। 

मेलिंग सूची जरूर बनाएं
अधिकांश उपभोक्ता जंक मेल पाने से परहेज और घृणा करते हैं। इससे भी अधिक एक आकर्षक रणनीति है अपनी जरूरत के मुताबिक मेलिंग सूची विकसित करना। ग्राहक को अपने व्यवसाय पर विशेष रूप से जारी एक न्यूज लेटर या नोटिस या उपहार प्राप्त करने के लिए आमंत्रित करें। इस सूचना को अपने ग्राहकों के लिए प्रासंगिक एवं उपयोगी बनाएं। एक खास ऑफर भी प्रदान कर सकते हैं जो उनको आपकी अगली खरीददारी पर छूट प्रदान करती हो।

ऑनलाइन फार्म और ई-मेल द्वारा ग्राहक के फीडबैक को प्रोत्साहित करें। अपने ग्राहकों से पूछें  कि उन्हें क्या चाहिए? जो कुछ वे ढूंढ रहे थे क्या उन्हें मिला? आपकी साइट किस तरह प्रयोग में अधिक उपयोगी और आसान हो सकती है? अपने ग्राहक की हताशा और रुचियों की जानकारी लें। वे आपको बताएंगे कि आप क्या सही कर रहे हैं और क्या गलत।

वेबसाइट को प्रमोट भी करें
यह इंटरनेट की खासियत यह है कि वह विश्वव्यापी संभावित ग्राहक उपलब्ध करा सकता है और यह कभी भी बंद नही होता। आपके ग्राहक दिन के 24 घंटे आपके व्यवसाय के बारे में जानकारी एक्सेस कर सकेंगे।
अधिकांश कंपनियों के पास रिकॉर्ड किए संदेश होते हैं जो बताते हैं कि वे बंद हैं और वे अपने कार्य के घंटों की सूचना आपको देंगें। लेकिन यह ज्यादा बेहतर है कि सप्ताह के सातों दिनों एक दिन के चौबीस घंटे आपके संभावित ग्राहकों को आपके स्टोर के बारे में सूचना उपलब्ध रहे। यही नहीं आपके संपूर्ण उत्पादों के बारे में भी।

आप उसमें चित्र शामिल कर सकते हैं और संभवत: वीडियो भी। और आपके ग्राहक आपसे दिन के 24 घंटे खरीदारी कर सकेंगे। इसलिए आपकी वेबसाइट का पता सभी जगह प्रमोट करना चाहिए जिसमें आपकी स्टेशनरी, बिक्री के फार्म और विज्ञापन शामिल हैं।

मान लें यदि आप एक पुस्तक भंडार के स्वामी हैं, क्या इसकी अच्छी संभावना है कि आप अपनी पुस्तकें ऑनलाइन बेचकर अमीर बन सकते है। एक पुस्तक भंडार के स्वामी के रूप में नए ग्राहकों तक पहुंचने, उनकी पसंद को बेहतर तरीके से जानने-समझने और उन्हें खरीदारी के लिए वापस बुलाते रहने के कई विकल्प आपके पास हैं। आप विशेष प्रमोशन के अलावा लेखकों द्वारा पुस्तकें पढ़े जाने की सूचनाएं दे सकते हैं।

यह भी जरूरी नहीं कि वेबसाइट सिर्फ आपके उत्पादों को ऑनलाइन बेचने के लिए ही हो। यह बहुत-सी भूमिकाएं निभा सकता है। वह आपके स्थापित हो चुके खुदरा भंडार की बिक्री का पूरक हो सकता है। यह ध्यान रहे कि आपके वेबसाइट पर प्रयुक्त आपकी कंपनी का नाम, ट्रेडमार्क, लोगो और आर्ट वर्क को बौद्घिक संपदा कानूनों के अंतर्गत उचित ट्रेडमार्क और कॉपीराइट सुरक्षा की आवश्यकता होगी। अप्रिय आश्चर्यों (उदाहरण के लिए यह सलाह दिये जाने की संभावना की आपकी कंपनी का स्लोगन किसी और का है) से बचने के लिए अपने वकील से सलाह लेनी चाहिए।
   

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:ऐसे बनाएं अपनी वेबसाइट