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सेना प्रमुख ने अजरुन टैंक को दिया ग्रीन सिग्नल

रोड़ो रुपये के खर्च और रक्षा वैज्ञानिकों की तीन दशक की मेहनत का फल आखिर सामने आ गया है और सेना प्रमुख जनरल दीपक कपूर ने मुख्य युद्धक टैंक ‘अजरुन’ का लोहा मानते हुए इसके प्रदर्शन को हरी झंडी दे दी है। कुछ समय पहले सेना की मैकेनाड इंफेंट्री ने यह कहकर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन को करारा झटका दिया था कि 124 टैंकों के बाद वह अजरुन के आर्डर नहीं देगी। इससे परियोजना का भविष्य अंधकारमय हो गया था। लेकिन अब रक्षा मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि खुद सेना प्रमुख जनरल दीपक कपूर ने फरवरी के परीक्षणों के बाद इस टैंक को न सिर्फ हरी झंडी है, बल्कि इस टैंक के प्रदर्शन की जोरदार सराहना भी की है। करीब 75 हजार किलोमीटर के परीक्षणों के दौर से गुजर चुके अजरुन टैंक के लिए यह पहला मौका है कि जब सेना ने इसकी तारीफ में अपना मुहं खोला है। सूत्रों ने बताया कि सेना प्रमुख ने रक्षा मंत्रालय को बाकायदा पत्र लिखकर टैंक के प्रदर्शन पर संतोष जाहिर किया है। सूत्रों के अनुसार जनरल कपूर ने इस पत्र में लिखा है कि अजरुन टैंक को अत्यंत कड़े परीक्षणों से गुजारा गया और इसने प्रशंसनीय प्रदर्शन किया। उन्होंने लिखा है कि कुछ मामूली बातों को छोड़ दें तो यह टैंक प्रदर्शन में खरा उतरा है। अभी तक सेना रूसी टी-0 टैंक की तारीफों के पुल बांधती रही थी और डीआरडीआे के वैज्ञानिक इस बात पर जोर देते रहे थे कि सेना को दोनों टैंक आमने-सामने मुकाबले में उतारकर देख लेना चाहिए कि किसका प्रदर्शन बेहतर है। लेकिन सेना का कहना था कि दोनों टैंक अलग-अलग तरह के हैं और इनका आपस में कोई मुकाबला नहीं हो सकता। सूत्रों के अनुसार रक्षा मंत्री एके एंटनी ने भी जब दोनों टैंकों के तुलनात्मक मुकाबले की बात कही तो सेना इसके लिए राजी हो गई। अब इन दोनों टैंको का मई में आमने-सामने मुकाबला होना है। इस मुकाबले से पहले सेना प्रमुख द्वारा अर्जुन टैंक की तारीफ किए जाने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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