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ऑन लाइन के साथ आवेदन की पुरानी व्यवस्था भी बहाल

इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक, परास्नातक, विधि और बीएड प्रवेश परीक्षा की आवेदन प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब ऑन लाइन के साथ ही विकल्प के तौर पर आवेदन की पुरानी व्यवस्था (ओएमआर शीट पर) भी रहेगी। गुरुवार को कुलपति प्रो. आरजी हर्षे की अध्यक्षता में हुई प्रवेश समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। 31 मार्च को हुई प्रवेश समिति की बैठक में आवेदन की पुरानी व्यवस्था को समाप्त कर सिर्फ ऑन लाइन आवेदन ही स्वीकार करने का निर्णय लिया गया था। आवेदन पत्र कहाँ से मिलेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है पर यह लगभग तय है कि फार्म इलाहाबाद के ही बैंकों से दिए जाएँगे। बैंक की शाखा एक-दो दिन में तय हो जाएगी। भरे हुए फार्म इविवि के प्रवेश भवन में जमा किए जाएँगे।

बता दें कि ‘हिन्दुस्तान’ ने चार अप्रैल के अंक में ‘आफत न बन जाए ऑन लाइन आवेदन’ शीर्षक से प्रकाशित खबर में ऑन लाइन आवेदन से होने वाली परेशानियों का उल्लेख किया था। इसके बाद छात्र नेता विवेकानंद पाठक, अभिषेक यादव की अगुवाई में छात्रों ने पुरानी व्यवस्था को भी लागू करने की माँग को लेकर आंदोलन शुरू किया। क्रमिक अनशन कर छात्रों ने कुलपति का पुतला भी फूंका। कुलपति प्रो. हर्षे ने गुरुवार को स्नातक, परास्नातक, विधि प्रवेश परीक्षा के कोआर्डिनेटरों, सभी डीन और विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर इस मसले पर पुनर्विचार किया। सूत्रों का कहना है कि बैठक में शामिल कुछ शिक्षकों का कहना था कि बीएचयू, एएमयू और दिल्ली विश्वविद्यालय में आवेदन की दोनों ही व्यवस्था लागू है इसलिए यहाँ भी ऐसा ही किया जाए। सर्वसम्मति से तय हुआ कि छात्रों के हित में इस बार ऑन लाइन के साथ ही आवेदन की पुरानी व्यवस्था भी रहेगी। बैठक में रजिस्ट्रार प्रो. जेएन मिश्र, स्नातक प्रवेश परीक्षा के कोआर्डिनेटर एवं परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचएस उपाध्याय, परास्नातक प्रवेश परीक्षा के कोआर्डिनेटर प्रो. यूसी श्रीवास्तव, विधि प्रवेश परीक्षा के कोआर्डिनेटर प्रो. आरके चौबे उपस्थित थे।

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