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ग्लोबल बिजनेस के फंडे सीखने जाएँगे विदेश

ग्लोबल बिजनेस के फंडे सीखने के लिए गौरहरि सिंघानिया इंस्टीटय़ूट आफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च के छात्र अब यूनाइटेड किंगडम के कैंट बिजनेस स्कूल जाएँगे। अगले सत्र में दोनों संस्थानों के बीच साझा एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू होने की उम्मीद है। यह जानकारी कैंट बिजनेस स्कूल के मैनेजमेंट विभाग के प्रमुख प्रोफेसर राजेंद्र एस शिरोले ने दी। उन्होंने साझा कार्यक्रम में छात्रों के साथ फैकेल्टी के शामिल होने की संभावना जताई। इसके साथ ही समर ट्रेनिंग के लिए भी दोनों संस्थानों के बीच कवायद होगी।

गौरहरि सिंघानिया इंस्टीटय़ूट में अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन पर व्याख्यान देने आए प्रोफेसर शौरेले ने कहा कि कोई भी बिजनेस संस्थान नेतृत्व क्षमता, सृजनात्मकता, आत्मावलोकन और टीम के सहारे घाटे से उबर कर धंधे की नई इबारत लिख सकता है। बिजनेस में पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर नाम की कोई चीज नहीं है। दुनिया भर में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप की सफलता इस बात की बानगी है। उन्होंने कहा कि मल्टीनेशनल कंपनियों ने इस धारणा को मजबूत किया है। मल्टीनेशनल कंपनियों ने लोकल बिजनेस के लिए माहौल बनाया है कि स्थानीय स्तर पर चुनौती बढ़ने से बिजनेस के रास्ते भी बढ़ गए हैं। निदेशक पृथ्वी यादव ने कहा कि बदले अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में छात्रों के भविष्य के लिए कारगर वैश्विक प्रोजेक्ट बनाए गए हैं।

यूके के छात्र भारत में सीखेंगे बिजनेस के गुर
ब्रिक यानी ब्राजील, रसिया, इंडिया और चीन दुनिया के तेजी से उभरती अर्थ व्यवस्था वाले देश हैं। यूके बिजनेस स्कूल के लिए भारत अथाह संभावनाओं का सागर है। यहाँ पर भारी जनसंख्या, यहाँ के लोगों की खरीदारी आदि के बारे में जानकारी के लिए कैट बिजनेस स्कूल यूनाईटेड किंगडम के छात्र यहाँ आएँगे। वे यहाँ पता करेंगे कि भारत अपने बाजार को कैसे हैंडिल करता है।

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