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मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी में है रोजगार के असीम अवसर

बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बेहतर प्लेसमेंट के लिए मची अफरातफरी के बीच मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी का क्षेत्र युवाओं को रोजगार का असीम अवसर दे सकता है। इसे करने के बाद नौकरी के साथ लैब शुरू कर खुद का व्यवसाय भी कर सकते हैं। एनसीआर में मानव रचना डीम्ड यूनिवर्सिटी ने इस क्षेत्र में बेहतर प्रोफेशनल तैयार करने के लिए डिग्री स्तर का कोर्स शुरू किया है। अभी तक डिप्लोमा स्तर पर इसकी पढ़ाई की व्यवस्था है। जिस गति से प्राइवेट क्षेत्र की बड़ी कंपनियां अस्पताल खोल रही हैं। फरीदाबाद में नित्य नए नर्सिंग होम खुल रहे हैं।

क्या है योग्यता: जिन्होंने बारहवीं में जीव विज्ञान लेकर पढ़ाई की है। वे इस कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। डिग्री के अलावा एक और दो साल का डिप्लोमा कोर्स भी उपलब्ध है। रूचि के अनुसार छात्र इसमें एडमिशन ले सकते हैं।

कितनी हैं सीटें:
मानव रचना विश्वविद्यालय ने पिछले साल बैचलर इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी की शुरुआत की है। यह एनसीआर का पहला विश्वविद्यालय हैं जहां डिग्री स्तर पर इसे शुरू किया गया है। इसमें सीटों की संख्या 25 है।

कैसा होगा भविष्य:
कोर्स समाप्त होने के बाद नौकरी या खुद का काम कर सकते हैं। नर्सिंग होम, अस्पताल और नामी गिरामी दवा कंपनियों में लैब असिटेंट, इंचार्ज की नौकरी मिलती है। ये डाइग्नोसिस संबंधित बीमारियों की जांच करते हैं।

कितना मिल सकता है मेहनताना:
लैब टेक्नीशियन को बीस हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। अनुभव के अनुसार पैसे मिलते हैं। यह आंकड़ा लाख भी पार कर सकता है। इसके अलावा खुद का लैब खोल सकते हैं।

डॉ. जी एल खन्ना, डीन एप्लाइड साइंस, मानव रचना:
जीव विज्ञान विषय वाले छात्रों के लिए बेहतर रोजगार उपलब्ध करा सकता है। जिस तरह निजी और सरकारी क्षेत्रों में नौकरी के लिए मारामारी मची हुई है। ऐसे में यह कोर्स वरदान साबित हो सकता है। मेडिकल से जुड़ा क्षेत्र होने से इसमें नौकरी जाने का खतरा अन्य से कम होता है। पहले की तुलना में पैसा भी बेहतर मिल रहा है। आने वाले समय में लैब टेक्नीशियनों की मांग में इजाफा होने वाला है।

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  • Web Title:मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी में है रोजगार के असीम अवसर