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नक्सलियों के धमकी भरे ई-मेल की जांच में जुटी पुलिस

नक्सलियों के धमकी भरे ई-मेल की जांच में जुटी पुलिस

उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के कार्यालय को संदिग्ध माओवादियों की ओर से धमकी भरा ई-मेल मिलने के एक दिन बाद पुलिस और साइबर विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुट गए कि यह मेल कहां से भेजा गया, जिसमें दंतेवाड़ा जैसे नरसंहार की धमकी दी गई है।

पटनायक ने संवाददाताओं से कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। हमें इंतजार करना चाहिए। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि ई-मेल के मूल का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की टीम द्वारा प्रयास जारी हैं।

यह ई-मेल पीजीएलए डॉट ओसीएसी डॉट इन के जरिए मुख्यमंत्री के आधिकारिक ई-मेल एकाउंट पर भेजा गया है। इससे पहले 27 मार्च को एक और ई-मेल भेजा गया था, जिसमें पटनायक के निवास और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हमला करने की धमकी दी गई थी।

ई-मेल में उड़ीसा सरकार से कोरापुट और मल्कानगिरी में नक्सल विरोधी अभियान बंद करने को कहा गया है और इसमें दावा किया गया है कि रविवार को बांदीपुरा में बारुदी सुरंग विस्फोट से 11 सुरक्षाकर्मियों को मारने में सफलता मिली।

ई-मेल भेजने वाले ने उड़ीसा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट को पंगु करने की भी धमकी दी है। सूत्रों ने बताया कि जांच में पता चला कि 27 मार्च को भेजे गए ई-मेल का सर्वर चेक गणराज्य में था, लेकिन पुलिस को अभी प्रेषक तक पहुंचना है।

आईटी विशेषज्ञों का मानना है कि ई-मेल भेजने वाला उड़ीसा में ही कहीं बैठा हो सकता है, जबकि सर्वर चेक गणराज्य में मिला।
 संदिग्ध माओवादियों द्वारा भेजे गए ई-मेल में मुख्यमंत्री के आवास और अन्य प्रतिष्ठानों को उड़ाने की धमकी है और चेतावनी दी गई है कि यदि कोई माओवादी विरोधी अभियान शुरू किया गया तो भुवनेश्वर, कटक और पुरी में हमले किए जाएंगे।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि क्योंकि ई-मेल भेजने वाला अपना इंटरनेट प्रोटोकाल (आईपी) पता छिपाने में सफल रहा, इसलिए विशेषज्ञों के लिए यह पता लगाना मुश्किल है कि ई-मेल वास्तव में किस जगह से भेजा गया।

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