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देश की गौरवशाली परम्परा को आगे बढ़ाने का भार संत समाज पर

मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने गुरूवार को कहा कि देश की संस्कृति के संरक्षण तथा नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाकर भारत की गौरवशाली विरासत को कायम रखने तथा उसे आगे बढ़ाने का भार संत समाज के कंधों पर है।

हुड्डा ने हरिद्वार के जयराम आश्रम में उपस्थित सन्तों तथा गणमान्य नागरिकों के बीच यह विचार रखे। उन्होंने कहा कि अपनी सांस्कृतिक विरासत के कारण ही भारत विश्व का मार्गर्शन करता रहा है और आज बदलते विश्व की चुनौतियों के बीच फिर से यह कार्य भारत को ही करना होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत की महान संत परम्परा यह भार उठाकर फिर से विश्व को रास्ता दिखाने का कार्य करेगी।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना तकनीक और बढ़ते वैज्ञानिक आविष्कारों ने जहॉं मानव को सुविधा सम्पन्न बनाया है वहीं कुछ नई चुनौतियां भी दुनिया के सामने पैश हुई हैं विश्व भर में मंदी के बीच जहॉं भारत ने ही अपनी आर्थिक विकास दर कायम रखकर प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया है वहीं इस महाकुम्भ पर्व के अवसर पर ज्ञान का भी ऐसा सेंश संतों के मार्गर्शन और चिंतन से निकलेगा जो फिर से भारत को उसके प्राचीन स्थान पर बैठा सकेगा।

आश्रम में हुड्डा के आगमन पर स्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि भारत की प्राचीन तथा गौरवशाली विरासत को संतों के चिन्तन से ही स्थाई रखा जा सका है संतों का कार्य न केवल समाज का मार्गर्शन बल्कि समय समय पर संस्कारों का प्रचार प्रसार कर मनुष्य के जीवन को सार्थक बनाना भी है।

 

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