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संगीतशास्त्र में दोबारा एमफिल शुरू करने की तैयारी

सर्वविद्या की राजधानी बीएचयू संगीतप्रेमियों को तोहफा देने जा रहा है। शैक्षणिक सत्र 2010-11 से जहां संगीतशास्त्र विभाग संगीतशास्त्र में एमफिल देने की तैयारी में है तो वहीं 2011-12 सत्र से रविन्द्र संगीत और संगीत संप्रेषण में दो वर्षीय डिप्लोमा देने की भी बात चल रही हैं।

विभागाध्यक्ष प्रो. लीपिका दासगुप्ता ने बताया कि एमफिल पाठय़क्रम विद्यार्थियों के शोध प्राविधि के साथ ही शिक्षक आवेदन के लिए योग्यता वृद्धि में सहयोगी पाठय़क्रम है। पूर्व में 1985 से 1995 तक यह पाठ्य़क्रम संचालित किया जाता था। इस सत्र से दोबारा इस कोर्स को शुरू करने की योजना हैं।

प्रो. दासगुप्ता, जो स्वयं रविन्द्र संगीत की जानकारी है, ने बताया कि 2011-12 शैक्षणिक सत्र से रविन्द्र संगीत में दो वर्षीय डिप्लोमा 4 सत्रों में संचालित किया जाएगा। इस प्रकार बीएचयू उत्तर प्रदेश में एकमात्र विश्वविद्यालय हो जहां रविन्द्र संगीत की शिक्षा दी जाएगी। इसमें प्रत्येक सत्र में 8 रविन्द्र संगीत और 2 रविन्द्र कृत भानुसिंह पदावली विद्यार्थियों को सांगीतिक अभिव्यक्ति और बांग्ला सांगीतिक शास्त्र को हिन्दुस्तानी शास्त्र संगीत शास्त्र के साथ अध्यापन कराने की योजना है। इसमें रविन्द्र संगीत के दो बाह्य विशेषज्ञों को प्रत्येक सत्र में आमंत्रित कर विशेष कक्षाएं संचालित होंगी।

संगीतशास्त्र के विद्यार्थियों को शोध पत्र लेखन और सांगीतिक कार्यक्रमों की समीक्षा, सटीक लेखन पाठय़क्रम के उद्देश्य से 2011-12 सत्र से दो वर्षीय संगीत संप्रेषण पाठय़क्रम भी संचालित किया जाएगा। उक्त दोनों पाठय़क्रमों में आवेदन के लिए किसी भी विषय से स्नातक होना जरूरी है। आवश्यक सांगीतिक योग्यता भी आवश्यक है।

 

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