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वनौषधीय एवं सुगंधित पौधों में है कैरियर की अपार संभावनाएं

उत्तर प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत वनौषधि एवं सुगंधित पौधों पर आधारित आयोजित उद्यमिता विकास प्रशिक्षण का समापन बुधवार को बीएचयू के ग्रामीण विकास केन्द्र में हुआ।

जिला विज्ञान क्लब द्वारा आयोजित 27 दिनी प्रशिक्षण कार्यक्रम में विज्ञान एवं कृषि स्नातक तथा डिप्लोमा इन योग एण्ड नैचुरोपैथी के कुल 24 छात्रों ने भाग लिया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी शरद कुमार सिंह ने वाराणसी जनपद के औषधीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए आमजन व किसनों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया।

विशिष्ट अतिथि बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान के प्रो. डीके सुजान ने उद्यम एवं बाजार पर प्रकाश डाला। जिला अर्थ एवं सख्या अधिकारी संतोष कुमार ने औषधीय पौधों की आर्थिक विवेचना की।

अध्यक्षीय भाषण में प्रो. आरसी मिश्र ने कहा कि आज समय की मांग है कि लोग अपने स्थानीय संपदा के गुण दोष की पुर्नव्यख्या करें। स्वागत करते हुए प्रोजेक्ट ऑफिसर डा. शैलेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि वनौषधीय एवं सुगंधित पौधों पर आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। संचालन डा. सुनील दूबे ने किया।

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