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बीएचयू: तीन छात्रों का प्रवेश निरस्त

बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में शास्त्री (स्नातक) में प्रथम वर्ष के तीन छात्रों के प्रवेश को निरस्त कर दिया गया है। जिन छात्रों के प्रवेश को निरस्त किया गया है उनमें शुभम मिश्र (शास्त्री आनर्स धमा्रगम विभाग), शिवकांत पाठक (शास्त्री आनर्स वैदिक दर्शन विभाग) और गोपाल जी (शास्त्री आनर्स साहित्य विभाग) शामिल है। शुभम और शिवकांत मिर्जापुर जिले के रहने वाले है जबकि गोपाल जी बिहार के सासाराम जिले का रहने वाला है।

आरोप है कि इन छात्रों ने विश्वविद्यालय के नियमों के विरूद्ध प्रवेश प्राप्त किया था। मामला संकाय में वार्षिक परीक्षाओं की तैयारियों के दौरान प्रकाश में आया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीनों छात्रों से प्रवेश पत्र वापस लेते हुए उनके प्रवेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। शुभम और शिवकांत ने सोमवार को बताया कि वे कुलपति प्रो. डीपी सिंह से मिलने के लिए पिछले तीन दिनों से कुलपति कार्यालय व आवास का चक्कर लगा रहे है लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी है।

विश्वविद्यालय नियमों के अनुसार स्नातक स्तर पर प्रवेश के लिए बारहवीं में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। जबकि इन तीनों छात्रों के अंक 50 फीसदी से कम है। आश्चर्य की बात है कि प्रवेश के लिए 2009 में हुई काउंसिलिंग के दौरान भी विश्वविद्यालय के ‘जिम्मेदार’ अधिकारी इन छात्रों की मार्कशीट व अन्य डाक्युमेंट्स में इस गलती का पता नहीं लगा सके। संकाय के अधिकारियों ने तीनों छात्रों से वार्षिक परीक्षा के पहले दिन 3 अप्रैल को प्रवेश पत्र छीन लिया।

गौर करने लायक बात यह है कि विश्वविद्यालय की गलती का खामियाजा छह छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। तीन वे छात्र जिनका प्रवेश निरस्त किया गया और तीन वे जिनकों इन तीनों छात्रों के स्थान पर काउंसिलिंग में प्रवेश मिला होता। संकाय प्रमुख प्रो. आरसी पण्डा ने तीन छात्रों के प्रवेश निरस्त किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में एडमिशन कमेटी के चेयरमैन प्रो. चन्द्रमा पाण्डेय को नोटिस दी गई है। पीपीपी सेल के चेयरमैन प्रो. राजेश सिंह और प्रो. चन्द्रमा पाण्डेय से बात करने की कोशिश की गई लेकिन न तो वे कार्यालय में मिले और न ही मोबाइल उठाया।

एक अंक से चूका

बीएचयू से जिन तीन छात्रों का प्रवेश निरस्त हुआ है उनमें से एक शिवकांत पाठक तो महज एक अंक से चूक गया। शिवकांत को बारहवीं में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए 300 अंक चाहिए थे जबकि बारहवीं में उसको 299 अंक ही मिले। इसी प्रकार शुभम मिश्र को 47.2 प्रतिशत अंक है। गोपाल जी पोलियो का शिकार है। गोपाल जी से मुलाकात नहीं हो सकी।

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