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योग की विधियों का पूर्ण ज्ञान होना चाहिए

भारत में 1990 के बाद योग शिक्षक का करियर काफी लोकप्रिय हुआ है। इनकी मांग का ही आलम है कि आज बहुत सारे लोग खुद को योगाचार्य या योग इंस्ट्रक्टर कह कर बाजार में अपनी दुकान चला रहे हैं। एक सही योग प्रशिक्षक या इंस्ट्रक्टर बनने के लिए आवश्यक गुण और इसकी विधियों का ज्ञान होना जरूरी है।

योग के प्रति निष्ठा हो। कोर्स कर लेना ही काफी नहीं है, छात्र को योग साधना की जानकारी भी होनी चाहिए। उसमें यह क्षमता होनी चाहिए कि वह किस व्यक्ति को योग साधना में उतारे। इसके लिए उसे निरंतर अभ्यास करना चाहिए। नियमित साधना के बिना एक अच्छा योग प्रशिक्षक या इंस्ट्रक्टर बनने का वह हकदार नहीं है। इसके बिना वह करियर में ज्यादा दिन तक टिका नहीं रह सकता।

योग भी एक विज्ञान है, लेकिन दूसरे विज्ञानों से इसमें फर्क हैं। इसके कोर्स में पहले प्रेक्टिकल, फिर थ्योरी आती है, इसलिए योग शिक्षक बनने की राह पर खड़े छात्रों को इन बातों पर ध्यान देना जरूरी है। योग साधना कराते वक्त पहले अभ्यास पर विशेष ध्यान दें।

कोर्स में 12वीं के बाद सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा से लेकर एमए व पीएचडी तक सभी तरह के विकल्प उपलब्ध हैं। किसी भी छात्र को जरूरत के हिसाब से ही कोर्स में दाखिला लेना जरूरी है। अगर वह इसका गहन ज्ञान चाहता है तो वह पीएचडी कर सकता है।

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